मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ड्रग्स की प्रोसेसिंग के लिए फैक्ट्री संचालित कराने वाले नार्को नेटवर्क के कथित किंगपिन नवप्रीत सिंह उर्फ नव को शनिवार सुबह तुर्की से भारत लाया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से उसे डिपोर्ट कराया। नवप्रीत दिल्ली पुलिस के दो बड़े नारकोटिक्स मामलों में वांटेड था और अदालत उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर चुकी थी। वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए 2019 में भारत से भाग गया था। अफगानिस्तान-पाकिस्तान तक नेटवर्क के संकेत दिल्ली पुलिस के डीसीपी स्पेशल सेल प्रवीण त्रिपाठी के मुताबिक, अमृतसर का रहने वाला नवप्रीत विदेश में बैठकर भारत में अपने स्थानीय सहयोगियों के जरिए ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा था। उसके नेटवर्क की कड़ियां अफगानिस्तान, पाकिस्तान और कुछ यूरोपीय देशों तक जुड़ी होने के संकेत मिले हैं। 360 किलो हेरोइन मामले में मुख्य आरोपी नवप्रीत दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के दो बड़े मामलों में मुख्य आरोपी और नेटवर्क का हैंडलर था। पहले मामले में दिल्ली और फरीदाबाद से 360 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। इस केस में 11 आरोपी गिरफ्तार हुए थे, जिनमें एक अफगान नागरिक भी शामिल था। दूसरे मामले में दिल्ली और उत्तर प्रदेश से 333 किलो कॉन्ट्राबैंड बरामद किया गया था। इस केस में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, नवप्रीत विदेश से स्थानीय आरोपियों को निर्देश देता था और ड्रग्स की आवाजाही की निगरानी करता था। अफगानिस्तान से आती थी खेप जांच में सामने आया कि ड्रग्स की खेप अफगानिस्तान से भारत लाई जाती थी। इसे ड्राई फ्रूट्स के बैग, जूट के बोरों और कार्टन्स में छिपाकर भेजा जाता था। इसके बाद मध्यप्रदेश के शिवपुरी में स्थापित फैक्ट्री में ड्रग्स की प्रोसेसिंग की जाती थी। प्रोसेसिंग के बाद तैयार नशीले पदार्थों को देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। नवप्रीत अपने स्थानीय सहयोगियों से एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क करता था और खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के निर्देश देता था। शिवपुरी में फैक्ट्री सामने आने से खुली सप्लाई चेन नवप्रीत के नेटवर्क में शिवपुरी की फैक्ट्री सामने आना मध्यप्रदेश के लिहाज से अहम है। जांच में शिवपुरी को ड्रग्स की प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन के एक महत्वपूर्ण ठिकाने के तौर पर देखा गया। पुलिस अब नवप्रीत से पूछताछ के जरिए शिवपुरी में उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों, फैक्ट्री के संचालन और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े अन्य ठिकानों की जानकारी जुटाएगी। मई में कजिन प्रभदीप भी लाया गया था दिल्ली पुलिस ने मई 2026 में नवप्रीत के करीबी सहयोगी और कजिन प्रभदीप हैरी को अजरबैजान से एक्सट्राडिट कराया था। स्पेशल सेल की टीम उसे अजरबैजान से भारत लेकर आई थी। अब पुलिस नवप्रीत और प्रभदीप से मिली जानकारी को जोड़कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। नार्को-टेरर फंडिंग की भी जांच डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी के मुताबिक, जांच में नार्को-टेरर ट्रेल के भी संकेत मिले हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ड्रग्स की बिक्री से हासिल रकम का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग में तो नहीं किया गया। नवप्रीत से पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन, स्थानीय सहयोगियों, कम्युनिकेशन चैनल और संभावित टेरर फंडिंग से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
