अमेरिका में मौत की सजा पाने वाली एक महिला कैदी को बुधवार को मौत के 2 इंजेक्शन दिए गए, लेकिन इसके बाद भी उसकी जान नहीं गई। उसकी धड़कन चलती रही और वह नींद में खर्राटे ले रही थी। मामला अमेरिका के टेनेसी राज्य का है। क्रिस्टा गेल पाइक नाम की महिला 1995 में हत्या के मामले में दोषी करार की गई थी। उसे एक साल बाद मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि अब उसकी सजा टाल दी गई है। मौत का इंजेक्शन देने के दौरान क्या हुआ शरीर में जहर जाने के बाद जान बचने का यह पहला मामला CNN की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले अमेरिका में अब तक सिर्फ 7 ऐसे मामले आए थे जिनमें मौत का इंजेक्शन देने के बाद भी दोषी की जान बच गई थी। इन लोगों को नस में घातक इंजेक्शन देने में दिक्कत हुई। मेडिकल टीम की इस गड़बड़ी के कारण उनकी मौत नहीं हो सकी। इस बार मामला अलग था। जहर शरीर में पहुंचने के बाद किसी व्यक्ति के जिंदा रहने का यह पहला मामला है। राज्य के नियमों के मुताबिक, पहले इंजेक्शन के बाद अगर कैदी की मौत नहीं होती तो दूसरा इंजेक्शन दिया जाता है। लेकिन दूसरे इंजेक्शन के बाद भी व्यक्ति जिंदा रहे तो क्या करना है, इसके बारे में नियमों में साफ जानकारी नहीं है। 1995 में 19 साल की सहपाठी की हत्या की थी क्रिस्टा पाइक को 1995 में अपनी 19 साल की सहपाठी कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। जनवरी 1995 में पाइक, उनके उस समय के बॉयफ्रेंड तादारिल शिप और एक दोस्त ने स्लेमर को टेनेसी यूनिवर्सिटी के कैंपस के पास जंगल में बुलाया था। अदालत में सामने आया कि वहां तीनों ने स्लेमर की पिटाई की और धारदार चीज से हमला किया। अपराध के समय पाइक 18 साल की थीं। वहीं, उनके बॉयफ्रेंड शिप की उम्र 17 साल थी। शिप ने बाद में मामले में गवाही दी। नाबालिग होने के कारण उसे मौत की सजा नहीं दी गई और उम्रकैद की सजा सुनाई गई। टेनेसी में 200 साल बाद पहली बार महिला को मौत की सजा पाइक अमेरिकी राज्य टेनेसी की मौत की सजा पाने वाली अकेली महिला कैदी थीं। अगर बुधवार की प्रक्रिया सफल होती, अगर प्रक्रिया पूरी हो जाती तो 200 साल से ज्यादा समय में टेनेसी में मौत की सजा पाने वाली वह पहली महिला होती। जेल में रहने के दौरान पाइक ने अपने अपराध पर पछतावा जताया था। उनका मानसिक बिमारियों का इलाज भी हुआ था। उनके वकीलों ने कहना था कि बचपन में उनके साथ हुई कुछ बुरी घटनाओं और मानसिक परेशानियों का उनके व्यवहार पर असर पड़ा था। वहीं, पीड़ित कोलीन स्लेमर के परिवार ने पाइक को मौत की सजा दिए जाने का समर्थन किया था। स्लेमर की मां ने कहा था कि पाइक उनकी बेटी को वापस नहीं ला सकतीं, इसलिए उन्हें अपने किए की सजा मिलनी चाहिए। इस साल होने वाली बाकी मौत की सजाओं पर रोक टेनेसी अमेरिका के उन राज्यों में है, जहां हाल के सालों में मौत की सजा लागू की गई है। अगस्त में टेनेसी, अलबामा और ओक्लाहोमा में एक ही दिन तीन लोगों को मौत की सजा दी गई थी। अमेरिका में 10 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार एक ही दिन तीन लोगों को मौत की सजा दी गई थी। टेनेसी के गवर्नर ने अब पाइक को इंजेक्शन देते वक्त आखिर क्या हुआ इसकी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस साल होने वाली बाकी सभी मौत की सजाओं पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। पाइक के वकीलों ने बुधवार देर रात कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों में बताया कि अधिकारियों ने उसे पेंटोबार्बिटल ड्रग्स के 2 इंजेक्शन दिए। इसके बावजूद उसकी मौत नहीं हुई। टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन ने कहा कि अधिकारियों ने कोर्ट से मंजूर मौत के इंजेक्शन की प्रक्रिया के हर कदम का पालन किया था। लेकिन फिर भी यह फेल हो गया। ——————- यह खबर भी पढ़ें… जिम्बाब्वे में हेलिकॉप्टर क्रैश, चर्चित बिजनेसमैन समेत 6 की मौत जिम्बाब्वे के मरोनडेरा इलाके में बुधवार शाम एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इसमें सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई। पूरी खबर पढ़ें…
