45,719 करोड़ रुपए की सहारा सोसायटी से जुड़े मामले में चार साल से फरार चल रहे साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसायटी, भोपाल के चेयरमैन खालिद चौधरी को ग्वालियर पुलिस की स्पेशल टीम ने 29 सितंबर को लखनऊ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे सहारा टावर के पास शाम करीब 6:30 बजे उस समय पकड़ा, जब वह कार से जा रहा था। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। 30 सितंबर को उसे ग्वालियर लाकर उपभोक्ता आयोग में पेश किया गया। 2020 से था फरार, कई वारंट के बाद गिरफ्तारी पुलिस के मुताबिक, खालिद चौधरी के खिलाफ कोर्ट और उपभोक्ता आयोग से कई बार जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके थे। इसके बावजूद वह 2020 से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। ग्वालियर में उसके खिलाफ करीब 14 मामले दर्ज हैं। इनमें मुरैना निवासी रितेश जैन से 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला भी शामिल है। 29 सितंबर को लखनऊ में घेराबंदी कर पकड़ा उपभोक्ता आयोग ग्वालियर से प्राप्त वारंटों की तामीली के लिए एसपी ग्वालियर के निर्देश पर स्पेशल टीम गठित की गई थी। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में टीम ने 29 सितंबर को सहारा समूह से जुड़े अधिकारियों के संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की। इसी दौरान एएसआई राघवेंद्र पुरोहित और टीम ने लखनऊ में घेराबंदी कर खालिद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। देशभर से 45,719 करोड़ रुपए जमा कराने का आरोप पुलिस के अनुसार साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसायटी, सहारा इंडिया समूह से जुड़ी चार प्रमुख सोसायटियों में से एक है। आरोप है कि वर्ष 2014 से 2022 के बीच आकर्षक ब्याज का भरोसा देकर देशभर के निवेशकों से करीब 45,719 करोड़ रुपए जमा कराए गए। ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से भी करीब 500 करोड़ रुपए निवेश कराए जाने का दावा है। मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भुगतान नहीं होने पर निवेशकों ने शिकायतें दर्ज कराईं। 30 सितंबर को ग्वालियर लाकर आयोग में पेश किया पुलिस 30 सितंबर को खालिद चौधरी को ग्वालियर लेकर आई और रितेश जैन से जुड़े 15 लाख रुपए के धोखाधड़ी मामले में उपभोक्ता आयोग में पेश किया। सुनवाई के दौरान रितेश जैन और खालिद चौधरी के बीच सहमति बनी। इसके बाद खालिद चौधरी ने डेढ़ लाख रुपए आयोग में जमा किए और बाकी रकम एक महीने में देने की बात कही। सुनवाई के बाद आयोग ने उसे जमानत दे दी। पीड़ितों के अधिवक्ता ने पुलिस को सराहा अधिवक्ता सत्या शर्मा ने बताया कि खालिद चौधरी साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसायटी में चेयरमैन है और उसके खिलाफ 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ितों को राहत मिली है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य लोगों, लेनदेन और संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है।
