प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से पहले 2500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने के बाद अब डॉ. मोहन सरकार फिर 1500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज केंद्रीय मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भोपाल दौरे से पहले लिया जा रहा है। इसके लिए मंगलवार को मुंबई में सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी होगी और बुधवार को राज्य सरकार को कर्ज की राशि मिल जाएगी। डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज दो हिस्सों में लिया जाएगा। इसमें 800 करोड़ रुपए 18 साल की अवधि के लिए और 700 करोड़ रुपए 30 साल की अवधि के लिए होंगे। दोनों कर्ज पर क्रमश: 7.61% और 7.75% वार्षिक ब्याज तय है। कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी के जरिए लिया जाएगा। सरकार के मुताबिक कर्ज से मिलने वाली राशि का उपयोग प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा। मोदी के जन्मदिन से पहले लिया था 2500 करोड़ का कर्ज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक दिन पहले राज्य सरकार ने एक महीने तक चलने वाले सेवा कार्यक्रमों के बीच 2500 करोड़ रुपए के तीन अलग-अलग कर्ज लिए थे। ये कर्ज सरकारी सिक्योरिटी और री-इश्यू के माध्यम से आरबीआई की नीलामी से लिए गए थे। तब भी सरकार ने विकास योजनाओं और परियोजनाओं के वित्तपोषण को कर्ज लेने का कारण बताया था। इससे पहले राज्य सरकार ने विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के नाम पर 1 सितंबर को 3600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। चालू वित्त वर्ष में 55,400 करोड़ तक पहुंचेगा कर्ज आज लिए जाने वाले 1500 करोड़ रुपए के नए कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार की कुल उधारी 55,400 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। वहीं नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 44 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा।
