खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताकर प्रॉपर्टी ब्रोकर से 4.45 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार महिला सपना ठाकुर (टांक) का पुराना रिकॉर्ड भी पुलिस जांच में सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, महिला पर पहले भी पेट्रोल पंप खुलवाने और मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस लगाने के नाम पर कुल 29.91 लाख रुपए की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक मामले में वह जेल भी जा चुकी है। रतलाम के तेजा नगर निवासी प्रॉपर्टी ब्रोकर रुपेश चरपोट की शिकायत पर माणकचौक थाना पुलिस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत में 3.45 करोड़ रुपए नकद और करीब 1 करोड़ रुपए का मकान झांसे में लेकर अपने नाम कराने का आरोप है। महिला को कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस उसके मोबाइल, बैंक खातों और कॉल डिटेल की भी जांच कर रही है। पेट्रोल पंप और एंबुलेंस के नाम पर भी ठगी के आरोप पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला अलग-अलग मामलों में अलग नामों का इस्तेमाल करती थी। मार्च 2024 में उसने खुद को सपना ठाकुर उर्फ संजू यादव बताते हुए रतलाम के शशांक नीलकंठ से पेट्रोल पंप खुलवाने के नाम पर 18 लाख रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में केस दर्ज हुआ था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। मई 2021 में मंदसौर के धुंधड़का निवासी चंद्रपाल सिसोदिया से मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस लगाने के नाम पर 11.91 लाख रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। खुद को नारकोटिक्स टीआई बताकर संपर्क किया प्रॉपर्टी ब्रोकर रुपेश चरपोट ने बताया कि उसे रतलाम के हुंडी दलाल विजय लोढ़ा से करीब 30 लाख रुपए लेने थे। विजय लोढ़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद सपना ठाकुर नाम की महिला ने उसे फोन किया। उसने खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताते हुए विजय लोढ़ा से रुपए रिकवर कराने की बात कही और एफआईआर की कॉपी मांगी। चरपोट के मुताबिक, इसके बाद महिला लगातार विजय लोढ़ा से रुपए वापस दिलाने के नाम पर उससे संपर्क करती रही। वह खाकी रंग के कपड़ों में सीएसपी कार्यालय के बाहर भी पहुंची थी। महिला ने विजय लोढ़ा और उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई और प्रॉपर्टी ब्रोकर से लगातार बातचीत करती रही। धमकी देने का भी आरोप चरपोट का आरोप है कि बाद में महिला ने उसे अपने प्रभाव में ले लिया। वह जब भी रुपए मांगता तो उसे धमकाया जाता था। आरोप है कि महिला ने खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताते हुए गोली लगने का निशान दिखाया और परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। चरपोट के मुताबिक, महिला ने उसका मकान और एक प्लॉट भी अपने नाम करा लिया। उसने रजिस्ट्री से जुड़े मामले में वीडियो भी बनवाया, जिसमें वह महिला के कहने के मुताबिक बोलता रहा। जीजा से भी 15 लाख रुपए लेने का आरोप चरपोट के जीजा कमल मल्हार से भी महिला के जरिए करीब 15.45 लाख रुपए लेने का आरोप है। कमल मल्हार का मुंबई में सिल्वर गिफ्ट आइटम का कारोबार है। उनके मुताबिक, मुंबई में रुपए और सामान से जुड़े एक पुराने विवाद का सेटलमेंट कराने के नाम पर महिला ने मुंबई, वापी और वकील को देने के नाम पर अलग-अलग रकम ली। कमल मल्हार का आरोप है कि बाद में रुपए वापस मांगने पर महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया। उन्होंने धमकी देने के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि अगर महिला के पास ऐसी कोई रिकॉर्डिंग है तो वह पुलिस को दे सकती है। महिला बोली- मुझ पर लगाए आरोप झूठे सोमवार को कोर्ट में पेशी के बाद महिला ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया। पुलिसकर्मी उसे लेकर जा रहे थे, तभी उसने मीडिया से कहा कि उसे जबरदस्ती फंसाया जा रहा है। महिला ने दावा किया कि प्रॉपर्टी ब्रोकर के साथ 1 करोड़ रुपए के केस और 30 लाख रुपए के आरटीजीएस के बाद मकान की रजिस्ट्री हुई थी और इसका वीडियो उसके पास है। महिला ने हनी ट्रैप जैसे किसी मामले से भी इनकार किया। उसने कहा कि उसकी छह महीने की बेटी है और पूरे मामले की जांच कराई जानी चाहिए। महिला के पुलिसकर्मियों से संपर्क की भी जांच पुलिस के अनुसार, महिला की कुछ पुलिसकर्मियों से पहचान होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस उसके मोबाइल की सीडीआर और बैंक खातों की जांच कर रही है। जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एसपी अमित कुमार ने बताया कि महिला ने खुद को नारकोटिक्स टीआई बताकर प्रॉपर्टी ब्रोकर के साथ ठगी की है। महिला का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। मामले से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है और जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
