अनूपपुर के जिला अस्पताल में रविवार शाम करीब 6 बजे इलाज के दौरान 20 साल की एक युवती की मौत हो गई। उसकी पहचान पोंडी चोड़ी निवासी सरिता प्रजापति (पिता सुखलाल प्रजापति) के रूप में हुई है। युवती को दोपहर करीब 3:20 बजे अस्पताल लाया गया था। परिजन की जहर खाने की आशंका जताने पर डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज शुरू किया था। युवती की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे तुरंत शहडोल मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी थी। हालांकि, परिजन उसे शहडोल ले जाने के बजाय जिला अस्पताल में ही इलाज कराने की जिद पर अड़े रहे। इसी दौरान अचानक युवती की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। बिना पोस्टमार्टम शव ले जाने की जिद घटना की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने पोस्टमार्टम कराने की बात कही, तो परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही शव ले जाने की जिद करने लगे। इसके बाद कोतवाली थाने से पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने परिजन को कानूनी प्रक्रिया समझाई, जिसके बाद वे राजी हुए। शव को फिलहाल अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया है, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। डॉक्टर को नहीं मिली कीटनाशक की महक मामले में डॉक्टर का कहना है कि परिजन ने जहर खाने की बात कही थी, लेकिन युवती के मुंह से सल्फास या किसी अन्य कीटनाशक की महक नहीं आ रही थी। उधर, युवती की मौसी का कहना है कि सरिता को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था और शनिवार को गांव के ही एक डॉक्टर से उसे इंजेक्शन लगवाया गया था। रविवार दोपहर वह बाड़ी में बैठी थी, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद जहर की आशंका में परिजन उसे अस्पताल लेकर आए थे। घटना के वक्त घर में सरिता, उसके दिव्यांग पिता और भाभी मौजूद थे, जबकि मां शहडोल गई हुई थी। पुलिस सोमवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के बयान दर्ज करेगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
