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कांग्रेस बोली- ज्ञानेश कुमार को पीएम बना देना चाहिए:पद्म भूषण उनके लिए छोटी चीज; बंगाल BJP अध्यक्ष ने कहा था- CEC सम्मान के हकदार

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए पद्म भूषण बहुत छोटी चीज है। उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। जो दूसरों को पीएम बना सकता है, उसे खुद पीएम बनना चाहिए। दरअसल, समिक भट्टाचार्य ने एक दिन पहले कहा था कि ज्ञानेश कुमार ने बंगाल में हिंसा मुक्त विधानसभा चुनाव कराने और मतदाता सूची को साफ करने में अहम भूमिका निभाई। इस काम के लिए वह कम से कम पद्म भूषण के हकदार हैं। भट्टाचार्य ने कहा था- बंगाल में लोगों ने बिना डरे वोट किया समिक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने लंबे समय बाद ऐसा चुनाव देखा, जिसमें डर का माहौल नहीं था। उनके मुताबिक, लोगों को वोट डालने का मौका मिला और चुनाव के दौरान हत्या की घटनाएं नहीं हुईं। भट्टाचार्य ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अहम पहल की। सीमा से लगे राज्य पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाए गए। बंगाल की जनता ज्ञानेश कुमार के काम से खुश है। समिक भट्टाचार्य के बयान पर विपक्षी नेताओं का पलटवार शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- समिक भट्टाचार्य जैसे परिपक्व नेता से इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। हो सकता है कि पश्चिम बंगाल में BJP की बड़ी जीत के बाद वह विशेष तौर पर धन्यवाद कहना चाहते हों। RJD सांसद मनोज झा ने भट्टाचार्य के बयान पर तंज कसते हुए कहा- मैं उनकी बुद्धिमत्ता को नमन करता हूं। चोरी-डकैती के आरोपों के सबूतों के बीच ऐसी सोच के लिए समिक को सबसे पहले भारत रत्न मिलना चाहिए। उसके बाद ही किसी और के बारे में सोचा जाना चाहिए। SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। दो चुनाव आयुक्तों ने 4 बड़े सवाल उठाए 1. फॉर्म-6 में बदलाव: नए वोटरों से पिछली SIR लिस्ट में खुद या परिवार के नाम की जानकारी मांगने पर दोनों ने सवाल उठाया। संधू ने इसे गैरकानूनी बताते हुए हटाने की मांग की। 2. वोटर डेटा का कंट्रोल: दोनों ने सवाल किया कि वोटर डेटाबेस का कंट्रोल दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है और राज्यों की पहुंच क्यों सीमित हो रही है। 3. बंगाल में 16 लाख अपीलें: संधू ने पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं। 4. गोवा के 97 वोटर: जांच में योग्य पाए गए 97 वोटरों को सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका।

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