मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। नितिन गडकरी मंच से कह गए खरी बात
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत करने आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मंच से खरी बात कह गए। उन्होंने कहा कि मुझे मालूम नहीं, लेकिन बहुत से आरटीओ अधिकारी गांधीवादी हैं। गांधी की नोट दिखती है तो फटाफट ठप्पे मार देते हैं। गडकरी ने ऐसे अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी गलत बस को सेंशन किया तो आपकी नौकरी जाएगी। दरअसल, गडकरी बता रहे थे कि हाल ही में कई ऐसे बस हादसे हुए, जिनमें कई लोगों की जान चली गई। लिहाजा अब वर्ल्ड क्लास क्वालिटी की बसें बनाना जरूरी है। ऐसा सिस्टम बनाया गया है कि इन बसों को कड़ी टेस्टिंग से गुजरना होगा। पूरी तरह फिट होने के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन होगा और उन्हें सड़क पर उतरने की परमिशन मिलेगी। यही बात कहते-कहते उन्होंने आरटीओ अधिकारियों पर सवाल उठा दिया। इशारा साफ था कि कुछ अधिकारी पैसे लेकर बिना जांचे-परखे बसों को सड़क पर उतरने की परमिशन दे देते हैं। अब लोग कह रहे हैं कि गडकरी जी देश के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर हैं। इस विभाग के कामकाज को उनसे बेहतर भला कौन जानता होगा। शायद इसलिए मंच से ही चेता दिया कि बसों की फिटनेस के मामले में ‘गांधीगीरी’ नहीं चलेगी। सीएम ने कांग्रेस पर कस दिया करारा तंज
मध्य प्रदेश में एक बार फिर सरकारी बस सेवा शुरू होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जताई। उन्होंने मंच से कहा- कितना अच्छा लगता है कि भगवा रंग की बसें जनता की सेवा के लिए निकल रही है। हमारे लिए यह आनंद की बात है। बस सेवा की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि ये कांग्रेस की छाती पर सांप लोटने के बराबर है। नेता कम, प्रवचनकर्ता ज्यादा नजर आए मंत्री
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री करण सिंह वर्मा एक सरकारी कार्यक्रम में नेता कम और प्रवचनकर्ता ज्यादा नजर आए। सीहोर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दूसरों का बुरा चाहने वालों को अगले जन्म का हिसाब-किताब भी समझा दिया। मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को किसी का बुरा करने की बीमारी और शौक होता है। उन्होंने सलाह दी कि जिंदगी में इस आदत को त्याग देना चाहिए, वरना अगले जन्म में नाग बनना पड़ेगा। इस दौरान मंत्री ने रामायण के प्रसंग भी सुनाए। उनके इस अंदाज को लेकर अब चुटकियां भी ली जा रही हैं। लोग कह रहे हैं कि नेता जी उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उन्हें अब धर्म-कर्म और कथा-प्रवचन में ही ध्यान लगाना चाहिए। महापौर मैडम की गाड़ी कीचड़ में फंस गई
सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल की गाड़ी कीचड़ में फंस गई। इसके बाद मैडम की गाड़ी को निकालने के लिए धक्का लगाना पड़ा। इधर, महापौर को आगे का सफर कीचड़ में ही पैदल चलकर तय करना पड़ा। दरअसल, रानी अग्रवाल सीधी में सड़क की मांग को लेकर धरने पर बैठीं इन्फ्लुएंसर लीला साहू के धरने में पहुंची थीं। रानी अग्रवाल आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, यानी विपक्ष की भूमिका में हैं। ऐसे में विपक्षी नेता की गाड़ी का कीचड़ में फंसना सियासी तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया। अब इसे सोने पर सुहागा कहें या फिर सरकार को रील के जरिए रियल सीन दिखाने का मौका। माजरा दोनों तरफ से दिलचस्प है। और अब अंदर की बात.. सार्वजनिक होते रह गई सत्ता-संगठन की खींचतान
मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच खींचतान सार्वजनिक होते-होते रह गई। हुआ यूं कि प्रदेश में 21 साल बाद एक बार फिर सरकारी बस सेवा की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का जमकर प्रचार किया गया, लेकिन इसमें संगठन के एक बड़े नेता को कोई खास तरजीह नहीं मिली। आयोजन स्थल पर उनके कटआउट भी कहीं नजर नहीं आए। फिर सरकार को ध्यान आया कि कहीं इससे संगठन नाराज न हो जाए। इसके बाद आनन-फानन में संगठन के इस बड़े नेता के करीब चार बड़े कटआउट आयोजन स्थल के आसपास लगाए गए। ऐन मौके पर लिए गए इस फैसले ने संगठन की लाज रख ली। बता दें कि हाल ही में सत्ता और संगठन के बीच खटपट की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनी थीं। हालांकि, बाद में सब कुछ ठीक होने का दावा किया गया। अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस मामले में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को बेपटरी होने से ऐन मौके पर बचा लिया गया। इनपुट सहयोग – महेंद्र ठाकुर (सीहोर), मनोज शुक्ला (सीधी) ये भी पढ़ें –
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