मध्य प्रदेश भाजपा को करीब 8 महीने बाद नया प्रदेश महामंत्री (संगठन) मिल गया है। भाजपा के केंद्रीय संगठन की ओर से जारी नियुक्तियों की सूची में चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। आदेश में उनका केंद्र भोपाल रखा गया है। वे अब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। चंद्रशेखर की नियुक्ति के साथ ही जनवरी से खाली चल रहे इस महत्वपूर्ण पद पर करीब 236 दिन बाद पूर्णकालिक नियुक्ति हुई है। इस दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में संगठन का काम देख रहे थे। हितानंद की संघ में वापसी के बाद खाली हुआ था पद दरअसल, 31 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश भाजपा के तत्कालीन संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की संघ में वापसी हुई थी। उन्हें आरएसएस के मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया था और उनका केंद्र जबलपुर तय किया गया था। हितानंद सितंबर 2020 में भाजपा में सह-संगठन महामंत्री के रूप में आए थे और मार्च 2022 में सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद प्रदेश संगठन महामंत्री बने थे। हितानंद के दायित्व परिवर्तन के बाद भाजपा ने तत्काल नए संगठन महामंत्री की नियुक्ति नहीं की। करीब आठ महीने तक यह पद खाली रहा। अब चंद्रशेखर की नियुक्ति से संगठन को पूर्णकालिक महामंत्री मिल गया है। कौन हैं चंद्रशेखर? चंद्रशेखर आरएसएस पृष्ठभूमि के प्रचारक रहे हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा के रहने वाले बताए जाते हैं। वे इससे पहले संघ में काशी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन का काम कर चुके हैं। 2014 में उन्होंने वाराणसी लोकसभा सीट पर संगठनात्मक काम में भी भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें सितंबर 2017 में राजस्थान भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया था। करीब छह साल राजस्थान में संगठन संभालने के बाद जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना का संगठन महामंत्री बनाया गया। तेलंगाना में भी वे 2026 तक संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालते रहे। हाल की रिपोर्टों में उनका नाम चंद्रशेखर तिवारी के रूप में भी दर्ज है। राजस्थान में छह साल संभाला संगठन राजस्थान में चंद्रशेखर का कार्यकाल करीब छह साल रहा। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने राजस्थान से बाहर नई जिम्मेदारी दिए जाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्हें तेलंगाना भेजा गया था। राजस्थान में उनके जाने के बाद संगठन महामंत्री का पद लंबे समय तक खाली रहा और जून 2026 में अजेय कुमार की नियुक्ति के साथ वहां यह पद भरा गया। मध्यप्रदेश में अब चंद्रशेखर के सामने प्रदेश संगठन को संभालने के साथ सरकार और संगठन के बीच समन्वय, जिला संगठन की कसावट और आगामी चुनावों के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
