रतलाम के शासकीय डॉ. कैलाश नाथ काटजू महाविद्यालय (लॉ कॉलेज) में कपल गरबा के आरोप को लेकर विवाद बुधवार को फिर बढ़ गया। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी कॉलेज के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान कॉलेज के छात्र भी सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच बहस और नारेबाजी हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। हंगामे के दौरान हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य राजेश कटारिया ने छात्रों से कहा, “ज्यादा नचवाने का शौक है तो अपनी बहन-बेटियों को लेकर आओ।” कटारिया ने बाद में कहा कि उनका उद्देश्य धार्मिक आयोजन में कपल गरबा को लेकर सवाल उठाना था। देखें तस्वीरें… प्रिंसिपल के घेराव का किया था आह्वान लॉ कॉलेज में गणेश प्रतिमा स्थापित कर 10 दिवसीय गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। सोमवार को हिंदू संगठनों ने कॉलेज पहुंचकर कपल गरबा होने का आरोप लगाया था। इस दौरान हंगामा हुआ था। इसके अगले दिन कॉलेज के छात्रों ने स्टाफ के साथ कलेक्टर और एसपी के नाम ज्ञापन दिया था। इसमें कॉलेज में हंगामा करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। छात्रों ने हिंदू संगठनों पर छात्र-छात्राओं और प्रिंसिपल से अभद्रता करने का आरोप लगाया था। बुधवार को हिंदू जागरण मंच रतलाम के बैनर तले प्रिंसिपल के घेराव का आह्वान किया गया। इसके बाद राजेश कटारिया, सिद्धार्थ पंड्या और संस्कृति बचाव अभियान के अभिषेक उपाध्याय सहित अलग-अलग संगठनों के लोग कॉलेज पहुंचे। राजेश कटारिया ने पुलिस के सामने कहा कि छात्रों ने ज्ञापन देने के बाद ग्रुप में मैसेज किया था कि “दम हो तो कल आकर कार्यक्रम रोक कर दिखाएं।” इसके बाद संगठन के लोग कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने कॉलेज का गेट बंद कराया हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कॉलेज का गेट लगवा दिया। सूचना पर स्टेशन रोड थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी डीएसपी गायत्री सोनी, माणकचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान और डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे। कॉलेज ट्रस्ट के सचिव डॉ. संजय वाते, प्रिंसिपल डॉ. अनुराधा तिवारी और स्टाफ भी बाहर मौजूद रहा। दूसरी ओर छात्रों के सामने आने पर पुलिस ने उन्हें कॉलेज के अंदर किया। दोनों पक्षों ने लगाए नारे हंगामे के दौरान हिंदू संगठन और कॉलेज छात्र आमने-सामने हो गए। दोनों तरफ से जय श्री राम के नारे लगाए गए। बहस के बीच हिंदू संगठनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ भी नारे लगाए। पुलिस ने दोनों पक्षों को दूर किया। इसके बाद हिंदू संगठन के लोग वहां से चले गए। संगठन बोला- हमने किसी से अभद्रता नहीं की संस्कृति बचाओ अभियान के अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि सकल हिंदू समाज की ओर से प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में गणेश उत्सव के दौरान कपल गरबा हो रहा था। संगठन ने पहले ही कॉलेज और प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले संगठन के कार्यकर्ता कॉलेज आए थे और शांति से बात कर लौट गए थे। इसके बाद छात्रों ने संगठन के खिलाफ ज्ञापन देकर एफआईआर की मांग की। उपाध्याय ने कहा कि संगठन ने किसी से अभद्रता नहीं की। हिंदू संगठन के पदाधिकारी राजेश कटारिया ने कहा कि धार्मिक आयोजन में कपल गरबा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर गरबा कराया जा रहा है तो परिवार के लोगों को भी इसमें शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों से कही गई बात का उद्देश्य यही था। हिंदू जागरण मंच रतलाम के संगठन मंत्री नीरज दुबे ने कहा कि घेराव सकल हिंदू समाज की ओर से था। इसमें हिंदू जागरण मंच की कोई भूमिका नहीं थी। इसमें अलग-अलग संगठन, समाज के कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए थे। प्रिंसिपल बोलीं- कॉलेज में कपल गरबा नहीं हुआ प्रिंसिपल डॉ. अनुराधा तिवारी ने कहा कि कॉलेज की ओर से कपल गरबा का कोई आयोजन नहीं किया गया। 10 दिवसीय गणेशोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य किया था। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्र-छात्राएं मौजूद थे, लेकिन कपल गरबा नहीं हुआ।
