सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट में अपना जवाब पेश करते हुए बताया कि जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत हुई है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। सरकार ने कोर्ट के सामने 7 बिंदुओं पर अपना जवाब रखा। 3 FIR में अब तक 52 आरोपी, 32 गिरफ्तार सरकार ने बताया कि शराबकांड की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठित किया गया है। जस्टिस वीपीएस चौहान की अध्यक्षता में गठित आयोग पूरे मामले की जांच करेगा। सरकार के मुताबिक, 3 एफआईआर में अब तक 52 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 32 की गिरफ्तारी हो चुकी है। याचिकाकर्ता बोले- मीडिया में 30 से 40 मौतों की बात याचिकाकर्ता एडवोकेट वैभव सिंह ने कोर्ट में कहा कि पुलिस-प्रशासन 20 लोगों की मौत की बात कह रहा है, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में 30 से 40 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। उन्होंने मुआवजे के तौर पर दिए गए 4-4 लाख रुपए पर भी सवाल उठाया। याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार यह बताए कि मुआवजा किस आधार पर दिया गया है। वैभव सिंह ने जहरीली शराबकांड के लिए सागर एसपी और कलेक्टर को जिम्मेदार ठहराया। हाईकोर्ट ने कहा- जांच आयोग के सामने रखें अपनी बात मंगलवार को वैभव सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने याचिका का निराकरण कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से गठित जांच आयोग के सामने याचिकाकर्ता अपनी बात रख सकते हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर आयोग के सामने भी सुनवाई नहीं हुई तो वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हाईकोर्ट ने यह राहत दी है कि अगर जांच आयोग के समक्ष सुनवाई नहीं होती है तो याचिकाकर्ता दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं।
