प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन योजना की शुरुआत 25 सितंबर को भोपाल से होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 350 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध कर इन बसों का संचालन किया जाएगा। सरकार ने मार्च 2027 तक प्रदेश में 1 हजार बसें शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि परिवहन विभाग ने बैठक में योजना का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि करीब 20 साल से यात्री परिवहन की मॉनिटरिंग का काम नहीं हो रहा था। अब यात्री सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था शुरू की जा रही है। 2031 तक 14,981 बसों का लक्ष्य सरकार ने वर्ष 2030-31 तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 14,981 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। बसों में CCTV और GPS लगाए जाएंगे। इससे बसों की लोकेशन की निगरानी हो सकेगी। नए बस टर्मिनल PPP मॉडल पर बनाए जाएंगे। यात्रियों को सही टिकट और उचित किराया मिले, इस पर भी फोकस रहेगा। हर विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 960 करोड़ का प्रावधान प्रदेश की हर विधानसभा में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन उपलब्ध होगी, वहां करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधा के साथ खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए कोच भी रहेंगे। काश्यप के मुताबिक, प्रदेश की 140 विधानसभा सीटों में अभी खेल सुविधाएं नहीं हैं, जबकि करीब 90 जगहों पर सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रस्तावित स्टेडियम में हेलिपैड की व्यवस्था भी की जा सकेगी। इसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस के जरिए गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट करने में किया जा सकेगा। इसके लिए कैबिनेट ने 960 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 2037 तक 2,800 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की तैयारी पावर मैनेजमेंट कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक विकास और शहरों के विस्तार के चलते वर्ष 2037 तक प्रदेश में 1,900 मेगावाट बिजली की कमी का आकलन किया गया है। इसे देखते हुए 1,900 और 900 मेगावाट क्षमता के थर्मल पावर स्टेशन शुरू करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। कुल 2,800 मेगावाट क्षमता के लिए कार्रवाई होगी। थर्मल पावर स्टेशन तैयार होने में करीब 5 से 7 साल लगते हैं। कैबिनेट के अन्य फैसले इंदौर-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाईवे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा सरकार इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक ग्रीनफील्ड हाईवे विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। मार्ग पर चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र और सिटी डेवलपमेंट किए जाने की बात कही गई है। सरकार के मुताबिक इससे करीब 2 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। हालांकि, अभी औद्योगिक क्षेत्रों के स्थान तय नहीं हुए हैं। कैबिनेट से पहले इन मुद्दों पर भी चर्चा बैठक से पहले मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में 3.88 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए, जबकि उज्जैन में 32 लाख से अधिक दीये जलाए गए। प्रदेश में करीब 1,100 स्थानों पर रक्तदान की जानकारी भी दी गई। स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि प्राथमिक स्तर पर इस साल ड्रॉपआउट दर शून्य रही है, जबकि 2002-03 में यह 15% थी। गांधीसागर में मादा चीता राधा को छोड़े जाने के बाद अब क्षेत्र में चार चीते होने की जानकारी भी कैबिनेट में दी गई। जनविश्वास अभियान का जनवरी तक रोडमैप तैयार किया गया है। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी होने के कारण उस दिन का अभियान 26 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री के बेंगलुरु रोड शो में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग फेस-2 के लिए निवेशकों से चर्चा की जाएगी।
