राधाष्टमी के अगले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांधीसागर में मादा चीता सीसीबी-2 को चीतों के बाड़े में छोड़ा। दोपहर 4.36 बजे के बाद छोड़े गए इस चीते का नाम सीएम ने राधा रखा। राधा के आने से गांधीसागर में अब चार चीते हो गए हैं, जिनमें दो नर और दो मादा हैं। इससे पहले नर चीते प्रभास और पावक को 18 फरवरी 2023 को भारत लाया गया था। दोनों को 20 अप्रैल 2025 को गांधीसागर में छोड़ा गया। मादा चीता धीरा को 17 सितंबर 2025 को यहां बसाया गया था।
