भिंड के गोहद नगर में बाबा कपूर की गली में तीन दिन से घायल पड़ी गाय ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। गाय की मौत की खबर मिलते ही युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा। युवाओं ने टमटम में गाय का शव रखा और नगर के प्रमुख मार्गों से शवयात्रा निकालते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। यहां नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद युवाओं ने गाय का शव नगर पालिका कार्यालय में सीएमओ के चेंबर में रख दिया, जिससे कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। युवाओं ने कहा- समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान युवाओं का कहना था कि गाय घायल हालत में तीन दिन से सड़क किनारे पड़ी थी। उसके उपचार के लिए एसडीएम और सीएमओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन कथित तौर पर अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। उनका आरोप है कि समय रहते गाय को उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। फोटो में देखिए आक्रोश गाय की मौत के बाद गोहद धाम से जुड़े कार्यकर्ताओं और अन्य युवाओं ने शवयात्रा निकालकर नगर पालिका प्रशासन के प्रति विरोध दर्ज कराया। टमटम में गाय का शव रखकर युवा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। तहसीलदार और पुलिस ने संभाली स्थिति मामले की सूचना मिलने पर तहसीलदार मनीष दुबे और पुलिस नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने युवाओं से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। घटना के बाद नगर में घायल और बेसहारा मवेशियों के उपचार और देखरेख की व्यवस्था को लेकर नगर पालिका की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।
