नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर स्ट्रीट लाइटिंग की मॉनिटरिंग को स्मार्ट बनाने जा रहा है। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS) लागू किया जा रहा है। नई व्यवस्था में लाइट खराब होते ही उसकी लोकेशन के साथ अलर्ट सीधे कंट्रोल रूम पहुंचेगा। इसका फायदा मध्यप्रदेश के करीब 4500 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क को भी मिलेगा। प्रदेश में करीब 8 हजार किलोमीटर स्टेट हाईवे भी हैं। नई व्यवस्था से लाइटों की मॉनिटरिंग और रखरखाव पहले के मुकाबले आसान होगा। भोपाल रीजनल ऑफिस ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया NHAI के जनरल मैनेजर अजय कुमार स्वामी के अनुसार, भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने CCMS स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईवे पर यह सिस्टम लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, रीवा, रतलाम, सागर, उज्जैन और विदिशा समेत अन्य प्रमुख शहरों से गुजरने वाले हाईवे कॉरिडोर शामिल हैं। टेंडर पाने वाली एजेंसी को सिस्टम की स्थापना के साथ 5 साल तक इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। सूर्योदय-सूर्यास्त के हिसाब से लाइटें होंगी ऑन-ऑफ CCMS के जरिए हाईवे की लाइटें सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार अपने आप चालू और बंद होंगी। देर रात ट्रैफिक कम होने पर लाइटों को डिम किया जा सकेगा। इससे बिजली की बचत होगी। अगर कोई लाइट खराब होती है तो सिस्टम सेंट्रल सर्वर या मोबाइल ऐप पर तुरंत अलर्ट भेजेगा। इससे मेंटेनेंस टीम को खराब लाइट और पोल की लोकेशन की जानकारी मिल जाएगी। 5G से मैप पर दिखेगी बंद लाइट की लोकेशन नई व्यवस्था में हर कॉरिडोर की स्ट्रीट लाइट को कंट्रोल बॉक्स से जोड़ा जाएगा। लाइट खराब या बंद होने पर उसकी सटीक लोकेशन का डेटा 5G नेटवर्क के जरिए मैप पर अलर्ट के रूप में दिखाई देगा। CCMS फीडर पैनल में 3-फेज एनर्जी मीटर लगाया जाएगा। इससे वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर और बिजली की खपत की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। सप्लाई बाधित होने या ट्रिपिंग की जानकारी भी तुरंत मिलेगी। नेटवर्क जाने पर हार्डवेयर टाइमर करेगा काम NHAI मुख्यालय से केंद्रीय सर्वर के जरिए पूरे नेटवर्क की निगरानी की जाएगी। स्ट्रीट लाइटिंग या संचार व्यवस्था में खराबी आने पर संबंधित एजेंसी को अधिकतम 48 घंटे के भीतर सिस्टम पूरी तरह बहाल करना होगा। अगर 5G नेटवर्क या संचार व्यवस्था ठप होती है, तब भी हाईवे की लाइटिंग जारी रखने के लिए स्वतंत्र ‘हार्डवेयर टाइमर’ का बैकअप दिया गया है। लाइटों की लाइव मॉनिटरिंग के साथ बिजली की बचत अजय कुमार स्वामी के मुताबिक, स्मार्ट CCMS से हाईवे की स्ट्रीट लाइटों की लाइव मॉनिटरिंग के साथ बिजली की बचत और खराबी का जल्द सुधार सुनिश्चित होगा। किसी भी खराबी को 48 घंटे के भीतर ठीक कराया जाएगा, ताकि राहगीरों को सुरक्षित यातायात मिल सके।
