भोपाल के हनुमानगंज इलाके में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। वह एम्स अस्पताल में बतौर सफाईकर्मी (आउटसोर्स) जॉब करता था। दो महीने पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि व्यक्तिगत कारणों के चलते उसका एक सुपरवाइजर उसके रंजिश रखता था। नौकरी जाने के बाद वह डिप्रेशन में रहने लगा था। फूटा मकबरा निवासी जितेंद्र कीर पिता रमेश कीर (36) शुक्रवार रात को शराब पीने के बाद घर लौटा था। देर रात अपने कमरे में सोने चला गया। तड़के परिजनों ने उसके शव को फांसी के फंदे पर लटका देखा। उसने पत्नी की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी। शनिवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। भाई बोला- सुपरवाइजर ने प्रताड़ित किया मृतक के भाई आशीष ने आरोप लगाया है कि भैया को सुपरवाइजर प्रताड़ित करता था। काम में कमियां निकालकर उन्हें बदनाम किया, साजिश के तहत उन्हें नौकरी से निकलवा दिया। इससे तनाव में आकर भैया शराब अधिक पीने लगे थे। नशे में उनका भाभी से भी विवाद होने लगा था। नाराज भाभी ने चार दिन पहले घर छोड़ दिया था। वे बच्चों को लेकर मायके चली गई। भैया का शव भाभी की साड़ी से बने फंदे पर लटका मिला। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल एम्स प्रोफेसर की मौत..24 दिन से वेंटिलेटर पर थी भोपाल एम्स के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की 24 दिन बाद सोमवार को मौत हो गई। 11 दिसंबर को आत्महत्या का प्रयास करने के बाद से वे एम्स के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
