बड़वानी जिले के निवाली में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की 200 से ज्यादा छात्राओं के प्रदर्शन मामले में पुलिस ने 12 नामजद लोगों समेत कुछ अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन लोगों पर छात्राओं को छात्रावास से बाहर निकलकर प्रदर्शन और सड़क पर चक्काजाम करने के लिए उकसाने का आरोप है। निवाली थाना प्रभारी वीर सिंह चौहान ने बताया कि छात्रावास अधीक्षक सविता बारिया की शिकायत पर बुधवार शाम को यह केस दर्ज हुआ। नामजद आरोपियों में जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के जिला महामंत्री दीपक निगवाल, विकास ब्राम्हणे, मनीष ब्राम्हणे, दीपक ब्राम्हणे, मदन सेनानी, भीम कनोजे, प्रेम चौहान, देव जमरे, सुवालाल खर्ते, दिलेश सोलंकी और दादु जाधव सहित करीब 12 लोग शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 83(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उस दिन की दो तस्वीरें देख लीजिए… क्या है मामला मंगलवार 15 सितंबर की शाम 200 से ज्यादा छात्राएं छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए करीब पांच किलोमीटर पैदल निकल पड़ी थीं। छात्राएं अधीक्षक और सहायक वार्डन को हटाने की मांग कर रही थीं। अधिकारियों ने छात्राओं को रोकने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि वरिष्ठ अधिकारी उनकी समस्याएं सुनेंगे। लेकिन पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों के उकसाने पर छात्राएं पैदल मार्च पर निकल गईं। करीब पांच किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने छात्राओं को रोका। कलेक्टर ने दिए निर्देश कलेक्टर के निर्देश पर सर्व शिक्षा अभियान की जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सोनालिका अचाले, पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया और राजपुर एसडीओपी बीएल अटोडे सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत की, लेकिन छात्राओं ने विरोध जारी रखा और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन आधी रात तक चला। इसके बाद डीपीसी सोनालिका अचाले ने छात्रावास अधीक्षक सविता बारिया और सहायक वार्डन साधना साहू को उनके पदों से हटाने का ऐलान किया। जांच पूरी होने तक नायब तहसीलदार अर्चना ग्रेवाल को छात्रावास का चार्ज सौंपा गया है। छह बसों से भेजा था वापस प्रशासन ने बाद में छह बसों का इंतजाम कर छात्राओं को वापस छात्रावास पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक, छात्राओं की शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
