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50 लाख घरों की फ्री-रजिस्ट्री आज से, आपको फायदा मिलेगा?:प्रक्रिया क्या है, जमीन विवादित है तब क्या होगा; पटवारी क्यों विरोध कर रहे?

जिस घर-जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे हैं, अब उसका मालिकाना हक पक्का होने जा रहा है। 17 सितंबर से ‘स्वामित्व योजना’ के तहत मध्य प्रदेश में करीब 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री शुरू होगी। इसकी शुरुआत इंदौर से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे, मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। लोगों को रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने होंगे, डिजिटल कॉपी भी मिलेगी। लेकिन जब घर आपका ही है, तो रजिस्ट्री की जरूरत क्यों, योजना क्या है, आपको फायदा कैसे मिलेगा; समझते हैं मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में.. सवाल 1: घर तो आपका है ही, फिर अब जमीन की रजिस्ट्री क्यों हो रही है? जवाब: गांवों में बहुत से लोग पीढ़ियों से अपने घर और उसके आसपास की जमीन (जिसे आबादी भूमि कहते हैं) पर रह रहे हैं। सवाल 2: फ्री रजिस्ट्री में क्या एक रुपए भी नहीं लगेगा? जवाब- स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क के लिए हितग्राही को पैसा नहीं देना होगा। यह खर्च राज्य सरकार खुद उठाएगी। सवाल 3: रजिस्ट्री होगी कैसे, और 50 लाख लोगों में आपका नाम कैसे आएगा? जवाब- इसके लिए आपको रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे और वहीं प्रक्रिया पूरी होगी। आपका नाम तभी होगा, जब…
आपका नाम पहले से स्वामित्व योजना के सर्वे में मंजूर हो चुका है। यानी अभी यह कोई नया आवेदन करने की योजना नहीं है। पहले से तैयार रिकॉर्ड में जिन लोगों का नाम है, उन्हीं की संपत्ति की मुफ्त रजिस्ट्री की जा रही है। आसान भाषा में कहें तो पहले जमीन का रिकॉर्ड बना, अब उसी रिकॉर्ड को रजिस्टर्ड दस्तावेज में बदला जा रहा है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया कैसे चलेगी?
राजस्व निरीक्षक (RI), नायब तहसीलदार और तहसीलदार को उप-पंजीयक की शक्तियां (रजिस्ट्री करने का अधिकार) दी गई हैं। यानी ये अफसर अपने क्षेत्र में रजिस्ट्री कर सकेंगे। सवाल 4: रजिस्ट्री के बाद आपके पास ऐसा क्या होगा, जो अभी नहीं है? जवाब- अभी आपके पास घर पर कब्जा या स्वामित्व योजना का रिकॉर्ड हो सकता है। क्या रजिस्ट्री होते ही पुराना विवाद खत्म हो जाएगा? सवाल 5: सब सही है फिर पटवारी किस बात का विरोध कर रहे हैं? जवाब- पटवारियों की मुख्य आपत्ति रजिस्ट्री से जुड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारी और आगे होने वाली कानूनी जवाबदेही को लेकर है। मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर का ये एपिसोड भी पढ़िए…
राहुल के ‘छात्रों की गूंज’ की काट नवीन-भागवत का कार्यक्रम?, संयोग है या सोची-समझी रणनीति 19 सितंबर को राहुल गांधी इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ करने वाले हैं। इससे ठीक पहले भाजपा-संघ ने नितिन नवीन और मोहन भागवत के कार्यक्रम सामने रख दिए हैं। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए…

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