उज्जैन में 17 सितंबर को होने वाले 25 लाख से ज्यादा दीपों के दीपोत्सव में सबसे बड़ी चुनौती दीप जलाने की होगी। हर ब्लॉक में 225 दीप सजाए जाएंगे और इन्हें जलाने के लिए सिर्फ दो वॉलंटियर्स होंगे। यानी एक वॉलंटियर को करीब 112 दीप जलाने होंगे। दोनों को मिलकर एक ब्लॉक के सभी दीप महज 3 मिनट में जलाने हैं। इसी रफ्तार से शिप्रा तट के अलग-अलग घाटों पर दीप एक साथ जगमगाएंगे। सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर गुरुवार को शिप्रा तट पर होने वाले भव्य दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। शाम 7 बजे होने वाले आयोजन में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य है। मुख्य कार्यक्रम रामघाट पर होगा, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। दीपों को एक साथ जलाने के लिए नगर निगम ने पूरा प्लान तैयार किया है। अब देखिए इस बार कैसी हो रही तैयारी… हर ब्लॉक में 225 दीप, जिम्मेदारी दो लोगों की दीपोत्सव क्षेत्र को 7 प्रमुख सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप लगाए जाएंगे। एक ब्लॉक को जलाने के लिए दो वॉलंटियर्स तैनात रहेंगे। दोनों को मिलकर 3 मिनट में सभी 225 दीप जलाने होंगे। इस हिसाब से एक वॉलंटियर के हिस्से में करीब 112 दीप आएंगे। यानी हर वॉलंटियर को औसतन हर डेढ़ सेकंड में एक दीप जलाना होगा। दीप जलाने के लिए वॉलंटियर्स को दीप, तेल, रुई की बाती, कपूर, माचिस और मोमबत्ती सहित जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। दीपों को जलाने की पूरी प्रक्रिया में कहीं देरी न हो, इसके लिए 16 सितंबर को एक बार रिहर्सल भी कराई जाएगी। 26 हजार वॉलंटियर्स संभालेंगे जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के अनुसार अलग-अलग संगठनों के करीब 26 हजार वॉलंटियर्स दीप जलाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। वॉलंटियर्स को पहले से उनके ब्लॉक और दीपों की संख्या के हिसाब से जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि दीपोत्सव के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। इन घाटों पर होंगे दीप प्रज्वलित दीपोत्सव के लिए केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक और रामघाट के दो सेक्टर सहित शिप्रा तट के विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया है। पूरे आयोजन को इस तरह व्यवस्थित किया जा रहा है कि सभी घाटों पर दीप एक साथ प्रज्वलित हों और कुछ ही मिनट में पूरा शिप्रा तट रोशनी से जगमगा उठे। 2023 में भी बना था दीपोत्सव का रिकॉर्ड… घरों पर भी जलेंगे लाखों दीप दीपोत्सव का आयोजन केवल शिप्रा तट तक सीमित नहीं रहेगा। जिले में करीब 4 लाख 55 हजार हितग्राही अपने-अपने घरों पर भी दीप प्रज्वलित करेंगे। इससे शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान के तहत दीप जलाए जाएंगे। जीरो-वेस्ट इवेंट बनाने की तैयारी नगर निगम ने पूरे आयोजन को जीरो-वेस्ट इवेंट के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई है। घाटों पर कचरा न फैले और आयोजन के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट का तत्काल प्रबंधन हो, इसके लिए स्वच्छता टीमों को घाटवार और सेक्टरवार जिम्मेदारी दी गई है। दीपोत्सव खत्म होते ही सफाई अभियान शुरू किया जाएगा। आज होगा दीपोत्सव का ट्रायल दीपोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे ट्रायल आयोजित किया जाएगा। इसमें दीप प्रज्ज्वलन के साथ आयोजन की अलग-अलग व्यवस्थाओं को परखा जाएगा और सामने आने वाली कमियों को मौके पर दूर किया जाएगा। ट्रायल के दौरान वॉलिंटियर्स को आईडी कार्ड देने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दीप प्रज्ज्वलन के लिए जरूरी सभी सामग्री निर्धारित स्थानों पर उपलब्ध रहे। वाटरप्रूफ शीट की व्यवस्था भी की गई है। ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी से पहले MP आएंगे नितिन नबीन-मोहन भागवत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 17 सितंबर को मध्य प्रदेश आएंगे। नबीन के लिए मंदसौर, इंदौर और उज्जैन में तीन कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पूरी खबर पढ़ें –
