भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब और कलियासोत डैम की ‘हद’ की रिपोर्ट मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) में पेश की जाएगी। एनजीटी के आदेश पर विशेष टीम ने 5 दिन तक सर्वे किया था। इस दौरान ड्रोन भी उड़ाया। सर्वे में बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस समेत कई रेस्टोरेंट और कब्जे तालाब-डैम की सीमा में मिले। सुनवाई में एनजीटी कार्रवाई के संबंध में आदेश जारी कर सकता है। बता दें कि 4 सितंबर को भोपाल के भदभदा डैम के गेट खोलने पर सवाल उठे थे। बड़ा तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) पर अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए एनजीटी ने पानी 1666.80 फीट पर बनाए रखने और गेट नहीं खोलने को कहा था, लेकिन तालाब में जब 0.10 फीट पानी कम था, तब ही डैम का गेट खोल दिया गया था। अगले दिन से ही सर्वे शुरू किया
अगले दिन 5 सितंबर से ही एनजीटी की टीम ने सर्वे शुरू किया था। पहले दिन भदभदा डैम, सैर सपाटा समेत कई जगहों पर टीमें पहुंची। 9 सितंबर तक सर्वे कार्य जारी रहा। सर्वे में क्या-क्या मिला था? सुनवाई में केरवा डैम को लेकर फैसले की संभावना टीम को केरवा डैम के आसपास भी सर्वे करना था, लेकिन डैम के FTL पर वर्तमान में पानी उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण इस क्षेत्र में ग्राउंड ट्रुथिंग और सर्वे की प्रक्रिया नहीं हुई। टीम सदस्यों के बीच चर्चा और विचार-विमर्श के बाद सभी पक्षों में यह सहमति बनी कि केरवा की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट किए बिना आगे की कार्रवाई में कोई जल्दबाजी न की जाए।
मंगलवार को होने वाली सुनवाई के बाद केरवा क्षेत्र में आगे की ग्राउंड ट्रुथिंग और जांच की प्रक्रिया तय की जाएगी। टीम ने यहां किया सर्वे खानूगांन के अंडर कंस्ट्रक्शन क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा के फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे, चिरायु अस्पताल क्षेत्र, भौंरी, कोलूखेड़ी, खजूरी सड़क, बैरागढ़ सहित कई क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर ग्राउंड ट्रुथिंग की गई। टीम में ये रहे शामिल ग्राउंड ट्रुथिंग के दौरान सीपीसीबी, एमपीपीसीबी के अधिकारी, पटवारी और याचिकाकर्ता राशिद नूर खान के साथ एनजीटी द्वारा नियुक्त विशेष सदस्य डॉ. सुभाष सी. पांडेय भी मौजूद रहे। ये खबर भी पढ़ें… कलियासोत-केरवा डैम किनारे होटल, रेस्टोरेंट-बार मिले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश पर बनी कमेटी ने बुधवार को भोपाल के कलियासोत और केरवा डैम किनारे सर्वे किया। ग्राउंड ट्रुथिंग सर्वे की शुरुआत वाल्मी के सामने स्थित मोटल शिराज की संपत्ति से की। एक फिश फार्म तो डैम के एफटीएल यानी, फुल टैंक लेवल से सिर्फ 10 फीट दूर ही मिला।पूरी खबर पढ़ें
