उज्जैन में 28 फरवरी से अगले 30 दिन तक 14 वर्ष से 15 वर्ष के मध्य की किशोरी बालिकाओं को टीका लगाया जाएगा। इस टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकेगा। वैक्सीनेशन के लिए माता-पिता या अभिभावकों को अपनी बेटी की उम्र से जुड़ा प्रमाण साथ लेकर अस्पताल जाना होगा। बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड या स्कूल आईडी जैसे दस्तावेज वैलिड हो सकते हैं. जिससे उम्र वेरिफाई हो सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि प्रदेश में किशोरी बालिकाओं की सर्वाईकल कैंसर से रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शनिवार 28 फरवरी से प्रारंभ किया जाएगा। यह टीकाकरण अभियान 3 माह तक चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत में 14 वर्ष से 15 वर्ष के मध्य की समस्त किशोरी बालिकाओं को टीका लगाने का लक्ष्य है। उज्जैन जिले में टीकाकरण सत्र का आयोजन प्रथम चरण में जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज, सिविल अस्पताल, सीएचसी जहां पर फोकल पांईट हो वहीं आयोजित किया जाएगा। टिका लगवाने की ये रहेगी प्रक्रिया टीकाकरण प्रतिदिन (अवकाश दिवसों को छोडकर) किया जाएगा। टीकाकरण का समय प्रात: 9 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। अभियान के दौरान आशा एवं आंगनवाडी कार्यकर्ता किशोरियों को टीकाकरण स्थल पर लाएंगी तथा महिला आरोग्य समिति के सदस्य वोलेन्टियर का कार्य करेंगे। टीकाकरण के लिए तीन कक्ष की आवश्यकता होगी, जिसमें प्रथम कक्ष में आईडी सत्यापन एवं पंजीकरण होगा, द्वितीय कक्ष में टीकाकरण होगा तथा तीसरे कक्ष में हितग्राही को 30 मिनिट ऑब्जरवेशन हॉल में बैठाना होगा। सभी हितग्राहियों का टीकाकरण पश्चात युविन पोर्टल में एंट्री की जाएगी। हितग्राही को यूविन पोर्टल से सर्टिफिकेट डाउनलोड करके प्रिंट दिया जाएगा। गंभीर बीमारी सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से का कैंसर है, जिसे सर्विक्स भी कहा जाता है। लगभग 99.7 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर हृयूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होते हैं। सर्वाइकल कैंसर के अलावा एचपीवी इन्फेक्शन से अन्य गंभीर रोग भी हो सकते है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे अच्छा तरीका किशोरी बालिकाओं को 14 वर्ष से 15 वर्ष के मध्य वैक्सीनेट करना है। जिन हितग्राहियों ने प्रायवेट में एचपीवी का टीकाकरण करवा लिया है। उनका दोबारा टीका नहीं लगेगा। 93 प्रतिशत असरदार एचपीवी वैक्सीन अन्य वैक्सीन की तरह एक बार दिए जाने पर इम्यून रिस्पॉन्स शुरू करती है। जिससे एंटी बॉडी बनती है और जो खास कैंसर पैदा करने वाले एचपीवी टाइप से भविष्य में होने वाले इन्फेक्शन से बचाती है। यह सर्वाइकल कैंसर को रोकने में 93 प्रतिशत से शत प्रतिशत असरदार है।
