Homeमध्यप्रदेशदिव्यांगों की अटकी भर्ती खोलने की तैयारी:आयुक्त ने CS से की मुलाकात;...

दिव्यांगों की अटकी भर्ती खोलने की तैयारी:आयुक्त ने CS से की मुलाकात; वॉक-इन इंटरव्यू पर लगी रोक हटाने समेत दिए कई प्रस्ताव

मध्य प्रदेश के दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने शुक्रवार को मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से मंत्रालय में मुलाकात की। उन्होंने दिव्यांगजनों के रोजगार, शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई प्रस्ताव रखे। आयुक्त ने दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा बढ़ाने और वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए होने वाली भर्ती पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती में दिव्यांग महिलाओं को अतिरिक्त लाभ देने, CWSN छात्रावासों को सालभर संचालित करने और प्रत्येक संभागीय मुख्यालय पर बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए 50-50 सीटर पुरुष-महिला आश्रय केंद्र खोलने के प्रस्ताव भी रखे गए। मुख्य सचिव ने सभी प्रस्तावों पर परीक्षण और आवश्यक निर्णय का भरोसा दिया। विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा बढ़ाने का आग्रह
आयुक्त ने मुख्य सचिव को दिए पत्र में बताया कि 1 अप्रैल 2005 से दिव्यांगजनों के आरक्षित पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। इसकी समय-सीमा समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है और वर्तमान में इसे 31 दिसंबर 2024 तक बढ़ाया था। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने दिव्यांगजनों के लिए शासकीय सेवाओं में आरक्षित रिक्त और बैकलॉग पदों की पूर्ति के संबंध में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद शासन के विभिन्न विभागों ने आरक्षित पदों का चिह्नांकन कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की। आयुक्त के पत्र के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग ने 29 अप्रैल 2025 को विभागों को पत्र जारी कर दिव्यांगजनों के आरक्षित पदों पर भर्ती प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए बिना देरी शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेशभर में वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से भरे जाने वाले पदों पर रोक लगा दी गई। इससे कुछ विभागों में विज्ञापन जारी होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया और चयन सूची जारी नहीं हो सकी। आयुक्त ने कहा कि जिन दिव्यांग आवेदकों की भर्ती प्रक्रिया वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से लगभग पूरी हो चुकी है, उनके हित में इस रोक पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही विशेष भर्ती अभियान की समय-सीमा में आवश्यक वृद्धि कर स्पष्ट आदेश जारी करने का आग्रह किया। आंगनवाड़ी भर्ती में दिव्यांग महिलाओं को अतिरिक्त लाभ देने का प्रस्ताव
दूसरे पत्र में आयुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती में दिव्यांग महिला आवेदकों को अतिरिक्त अधिभार देने का प्रस्ताव रखा है। पत्र में बताया है कि मध्यप्रदेश में नियमित और संविदा भर्तियों में दिव्यांग आरक्षण का प्रतिशत 4 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जा चुका है। हालांकि आंगनवाड़ी के पद मानदेय आधारित हैं और इन्हें नियमित अथवा संविदा पद की श्रेणी में नहीं रखा है। आयुक्त ने दिव्यांग महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए राजस्थान की तर्ज पर आंगनवाड़ी भर्ती में दिव्यांग महिला आवेदकों को भी निर्धारित श्रेणियों के अनुसार अधिभार देने का प्रावधान करने का आग्रह किया है। 60 CWSN छात्रावासों को सालभर चलाने का प्रस्ताव
आयुक्त ने राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित CWSN छात्रावासों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पत्र के मुताबिक पिछले शैक्षणिक सत्र में 60 CWSN छात्रावासों के संचालन पर 7 करोड़ 12 लाख 50 हजार 908 रुपए खर्च किए गए और इनमें 2,324 CWSN विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। आयुक्त ने बताया कि UDIAS 2024-25 के अनुसार प्रदेश में 15,381 बालक CWSN श्रेणी में हैं। पत्र में कहा गया है कि कई जिलों में जुलाई से छात्रावासों का संचालन शुरू नहीं हो पाता और छात्रावास अपनी स्वीकृत क्षमता के अनुसार पूरे 10 महीने भी संचालित नहीं हो रहे हैं। इसलिए आयुक्त ने सुझाव दिया कि CWSN हॉस्टल को सामान्य छात्रावासों की तरह पूरे 12 महीने संचालित किया जाए। साथ ही हर साल नई संस्था का चयन करने की जगह संस्थाओं का चयन कम से कम पांच साल के लिए करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि संस्था पूरी क्षमता और सामाजिक भागीदारी के साथ काम कर सके। पत्र में छात्रावासों के मौजूदा वित्तीय प्रावधान पर भी पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। बौद्धिक दिव्यांगों के लिए हर संभाग में आश्रय गृह
आयुक्त ने बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए संभागीय मुख्यालयों पर आश्रय एवं पुनर्वास केंद्र खोलने की मांग भी की। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए स्थायी या अस्थायी आश्रय और पुनर्वास की पर्याप्त विभागीय व्यवस्था नहीं है। इसके कारण ऐसे दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पत्र में शिवपुरी का उदाहरण देते हुए बताया गया कि हाल ही में दो बालक मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में लावारिस पाए गए, जिनके लिए कोई वैकल्पिक आश्रय व्यवस्था नहीं की जा सकी। आयुक्त ने राज्य निराश्रित निधि से प्रत्येक संभागीय मुख्यालय पर 50-50 सीटर पुरुष और महिला आश्रय केंद्र खोलने के संबंध में नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया है। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण में भी भागीदारी
आयुक्त ने संभागीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी विद्यार्थियों के साथ दिव्यांगजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया। मुख्य सचिव ने विशेष भर्ती अभियान, आंगनवाड़ी भर्ती, CWSN छात्रावासों और बौद्धिक दिव्यांगजनों के आश्रय केंद्र सहित सभी प्रस्तावों पर परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here