पश्चिम बंगाल में बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने और जूते-चप्पल से मारने के मामले के बाद बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी उनके समर्थन में उतर आए हैं। गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज साधु-संत समाज का अपमान किया गया है। सीएम ने कहा कि लिलुआ में आए संत ने देशप्रेम, राष्ट्रवाद, अखंड भारत और अपनी परंपरा व संस्कृति की बात अपने तरीके से रखी। उन्होंने कहा कि जिसे मानना है वह मानेगा और जिसे नहीं मानना, वह नहीं मानेगा। किसी पर कुछ थोपने की कोशिश नहीं की गई। तस्वीर जलाने वालों की गिरफ्तारी की मांग सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर थाने के सामने धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर जलाने वालों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से कहा कि ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि राज्य में इस तरह की घटनाएं नहीं चलेंगी। मांस-मछली वाले बयान से शुरू हुआ विवाद दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री 4 से 6 सितंबर तक कोलकाता के हावड़ा में हनुमंत कथा कर रहे थे। 6 सितंबर को कथा के दौरान उन्होंने दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान मांस-मछली नहीं खाने की अपील की थी। उन्होंने पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन बेचने और खाने को लेकर भी आपत्ति जताई थी। उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में विरोध शुरू हो गया। कई लोगों ने इसे बंगाली पहचान और संस्कृति पर टिप्पणी बताते हुए आपत्ति जताई। आसनसोल में तस्वीर पर जूते-चप्पल मारे गुरुवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में पुलिस की मौजूदगी में कुछ लोगों के विरोध का वीडियो सामने आया। इसमें धीरेंद्र शास्त्री की तस्वीर पर जूते-चप्पल मारते और मुर्दाबाद के नारे लगाते लोग दिखाई दे रहे हैं। विरोध करने वालों ने उनके मांसाहार संबंधी बयान पर नाराजगी जताई। सीएम ने तुष्टीकरण की राजनीति पर साधा निशाना सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लंबे समय तक तुष्टीकरण की राजनीति की गई, इसी वजह से आज उनकी यह स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भाजपा के पास 207 विधायक हैं और उपचुनावों के बाद पार्टी की ताकत और बढ़ेगी। उन्होंने रेजीनगर में भी कड़े चुनावी मुकाबले की चेतावनी दी। ये खबर भी पढ़े… ‘वह कैसी मां है, जो किसी बेटे की बलि ले?’:धीरेंद्र शास्त्री बोले- मां दुर्गा को बलि लेनी होगी तो खुद लेंगी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में देवियों के लिए बलि प्रथा पर कहा- वह कैसी मां है, जो किसी बेटे की बलि ले? अगर मां दुर्गा को बलि लेनी होगी तो वह खुद लेंगी। तुम क्यों काट रहे हो? जीव में शिव बसे हैं और हर जीव को जीने का अधिकार है। पढ़े पूरी खबर…
