बंडा और शाहगढ़ तहसील के गांवों में शराब तस्कर सस्ती शराब के नाम पर जहर परोसते रहे और आबकारी विभाग व स्थानीय प्रशासन बेखबर बना रहा। दैनिक भास्कर की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
तस्कर नकली बम्बईया व्हिस्की (बॉम्बे) 20 रुपए और सागर गोल्ड 30 रुपए सस्ती बेच रहे थे। अचानक रेट कम मिलने पर पीने वालों को शक भी हुआ। जब उन्होंने तस्करों से पूछा कि ‘कहीं यह शराब नकली या जहरीली तो नहीं तो सफाई देते हुए कहा गया— उसी ब्रांड की नए फार्मूले की शराब है, इसलिए सस्ती मिल रही है। मामले में बंडा और विनायका थाने में 30 लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। मालूम हो कि जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत हो गई और 150 से ज्यादा निगरानी में हैं। इन उदाहरणों से जानिए सस्ते सौदे की खौफनाक दास्तान केस-1 (पाटन): विनायका थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय रोशन लोधी की बंडा अस्पताल में मौत हो गई। मृतक के मामा सुरेंद्र लोधी ने बताया कि रामसिंह 60 रुपए में सागर गोल्ड की बोतल लाया (जो 30 रुपए सस्ती थी)। रोशन ने जब पूछा कि जहरीली तो नहीं है, तो रामसिंह ने कहा- वही ब्रांड है, बस फार्मूला नया है। शराब पीते ही रोशन की तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। केस-2 (नौराज): बंडा थाना क्षेत्र के 52 वर्षीय अनूप सिंह के मुताबिक, 4 सितंबर की शाम वे अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ चोरी-छिपे शराब बेच रहे जुझार सिंह की दुकान पर गए। जुझार ने कहा कि बरेठी के ठेकेदार से बम्बईया शराब 20 रुपए सस्ती मिली है। राजेंद्र के शंका जताने पर उसने कहा कि यह नए फार्मूले से बनी है। पीने के बाद राजेंद्र की जान चली गई। प्रशासनिक कार्रवाई: 7 दुकानें सील, 84 मरीज अस्पताल में भर्ती
दुकानें सील और सैंपलिंग: परिजनों और ग्रामीणों के आरोपों के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया और आबकारी विभाग ने बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की 7 शराब दुकानों को सील कर दिया है। 84 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। एसीएस दीपाली रस्तोगी पहुंचीं:
घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) दीपाली रस्तोगी सागर पहुंचीं। उन्होंने बीएमसी और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर डॉक्टरों को 24 घंटे सघन निगरानी के निर्देश दिए। डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग जारी:
प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि बीते 24 से 48 घंटों में शराब पीने वाले व्यक्ति उल्टी, सिरदर्द, धुंधला दिखने या ऐंठन जैसे लक्षण आने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
