आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के तीसरे दिन बुधवार को रफ्तार काफी धीमी पड़ गई। पहले दिन 109 और दूसरे दिन 61 संस्थानों पर कार्रवाई के बाद बुधवार को सिर्फ 20 संस्थान बंद कराए गए। इस तरह तीन दिनों में कुल 190 संस्थानों में कार्रवाई हुई है। कार्रवाई की रफ्तार घटने के बीच शहर के अलग-अलग हिस्सों में व्यापारियों का विरोध भी तेज हो रहा है। बुधवार को निगम की टीम ने रचना नगर, गौतम नगर, अरेरा कॉलोनी, सिंधी कॉलोनी और अमराई में आवासीय परिसरों में कारोबार बंद कराकर पंचनामा बनाया गया। यह कार्रवाई 31 अगस्त से दोबारा शुरू हुई है। तभी से विरोध जारी है। निगम के अफसरों का कहना है कि व्यापारी ने खुद से दुकानें बंद कर ली हों या फिर नगर निगम ने सील की है, जिनके पंचनामे बने हैं, उन दुकानों को अगले आदेश तक खोला नहीं जा सकता है। निगम को 15 सितंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश करना है। इसलिए निगम कमिश्नर एसीएस संजय दुबे के साथ बुधवार शाम दिल्ली रवाना हो गईं। 13 दिन से नए नोटिस जारी नहीं नगर निगम ने आखिरी नोटिस 19 अगस्त को जारी किया था। इसके बाद 13 दिन से कोई नया नोटिस जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान कार्रवाई नए संस्थानों को नोटिस देने के बजाय पहले से नोटिस प्राप्त कारोबारियों की व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने पर केंद्रित है। इसके लिए शहर के छह विधानसभा क्षेत्रों में 56 अधिकारी-कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं। मर्जी से दुकान खोली को FIR निगम अधिकारियों के अनुसार कई कारोबारी खुद ही परिसर में ताला लगा रहे हैं। इसके बाद टीम मौके पर पंचनामा बनाकर यह दर्ज कर रही है कि वहां व्यावसायिक गतिविधि बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंचनामा होने के बाद यदि उसी परिसर में दोबारा व्यावसायिक गतिविधि शुरू की गई तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। बंजारी मार्केट की दुकानें ताले में…. गांधी नगर भी चार घंटे बंद बुधवार को गांधी नगर में 150 से ज्यादा दुकानें करीब चार घंटे बंद रहीं। निगम की टीम पहुंची तो व्यापारियों ने विरोध किया। कहासुनी के बाद टीम बिना कार्रवाई लौट गई। एक दिन पहले भी यहां टीम लौट चुकी थी। करोंद में मंगलवार के विरोध के बाद बुधवार को निगम अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा ही नहीं। नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले 62 हजार 500 संस्थानों को चिह्नित किया है। इनमें से 8,264 को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
