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इंदौर में एक घंटे में दो कोबरा सांप का रेस्क्यू:एक का फन कटा मिला, साढ़े 4 फीट का कोबरा 10 मिनट में आया थैली में

शहर में बुधवार को करीब एक घंटे के अंतराल में दो अलग-अलग इलाकों से कोबरा सांपों का रेस्क्यू किया गया। पहला कोबरा बिचौली इलाके के एक घर में मिला। करीब ढाई फीट लंबे इस कोबरा का फन आधा कटा हुआ था। इसके कुछ देर बाद सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव को बिजलपुर के एक घर में साढ़े चार फीट लंबे कोबरा के होने की सूचना मिली। यह जूतों की रैक के नीचे छिपा था। उसे पकड़ने में करीब 20 से 25 मिनट लगे। रेस्क्यू के दौरान कोबरा एक बार थैली में लगभग पूरी तरह जाने के बाद अचानक वापस बाहर निकल आया और फन फैलाकर खड़ा हो गया। बाद में दोनों सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। बिचौली में मिला ढाई फीट का कोबरा, फन कटा था बिचौली इलाके के एक घर में कोबरा के होने की सूचना मिलने पर सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू किए गए कोबरा की लंबाई करीब ढाई फीट थी, लेकिन उसका फन आधा कटा हुआ था। सर्पमित्र के मुताबिक फन किस वजह से कटा, यह स्पष्ट नहीं है। संभावना है कि किसी दूसरे जानवर के हमले में उसका फन चोटिल हुआ हो। हालांकि फिलहाल सांप की स्थिति ठीक है और उसे कोई परेशानी नजर नहीं आई। उनके मुताबिक इस तरह की चोट के बावजूद सांप सामान्य रूप से जीवन जी सकता है। बिजलपुर में जूतों की रैक के नीचे छिपा था साढ़े चार फीट का कोबरा बिचौली से रेस्क्यू करने के बाद सर्पमित्र बिजलपुर पहुंचे। यहां एक घर में साढ़े चार फीट लंबा कोबरा जूतों की रैक के नीचे छिपा मिला। बड़े आकार के इस कोबरा को पकड़ना आसान नहीं था। करीब 20 से 25 मिनट की मशक्कत के बाद उसे काबू में किया जा सका। रेस्क्यू के दौरान कोबरा को थैली में डालने की कोशिश की गई तो वह लगभग पूरी तरह अंदर चला गया। अचानक वह पलटकर थैली से बाहर निकल आया और फन फैलाकर खड़ा हो गया। इससे मौके पर मौजूद लोग भी घबरा गए। सर्पमित्र ने सावधानी बरतते हुए उसे दोबारा पकड़ा और सुरक्षित थैली में रखा। बड़े कोबरा को पकड़ते समय ज्यादा सावधानी जरूरी महेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक बड़े आकार के कोबरा के रेस्क्यू में विशेष सावधानी रखनी पड़ती है। सांप के गुस्से में होने पर उसके घर के दूसरे हिस्से में जाने या किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का खतरा रहता है। साथ ही रेस्क्यू के दौरान सांप को भी चोट न पहुंचे, इसका ध्यान रखना पड़ता है। दोनों कोबरा को जंगल में छोड़ा रेस्क्यू के बाद दोनों सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया। सर्पमित्र ने बताया कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों के आसपास पहुंच जाते हैं। कच्ची जमीन, चूहों के बिल और अन्य जगहों पर पानी भरने के कारण उन्हें घरों में छिपने के लिए सूखी जगह आसानी से मिल जाती है। बारिश में घरों में रखें सावधानी

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