मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के गोराटीला झरने में नहाने के बाद 10 दिन के भीतर 4 बच्चों की मौत हो गई। इनमें 3 बच्चे भाई थे। सभी के बीमार पड़ने के बाद बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण सामने आए थे। कुछ जांचों में संक्रमण के संकेत मिलने के साथ लीवर एंजाइम में भी इन्फेक्शन पाई गई है। फिजिकल पुलिस के मुताबिक, मृतकों में 14 वर्षीय ताहिर, 9 वर्षीय तारूफ और 11 वर्षीय तासिफ शामिल हैं। इनके पिता का नाम तनवीर अहमद है। इनके तीनों बेटों की मौत 21 से 31 अगस्त के बीच हुई है। इसके साथ ही फिजिकल के वार्ड नंबर-9 के हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद के 19 वर्षीय बेटे अयाज की भी मौत हो गई। चार मौतों के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। अब तक 62 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। झरने के पानी के भी सैंपल लिए गए हैं। ये तस्वीरें देखिए… 16 अगस्त को गोराटीला झरने पर गए थे परिजन के मुताबिक, सभी बच्चे और उनके परिवार के लोग 16 अगस्त को गोराटीला स्थित झरने पर पिकनिक मनाने गए थे। वहां उन्होंने झरने में नहाने के साथ खाना भी खाया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बच्चों की मौत और झरने पर जाने के बीच समय का संबंध सामने आने के कारण पानी की भी जांच कराई जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि बीमारी या मौत का कारण झरने का पानी ही है। 62 लोगों के सैंपल लिए गए मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को परिवार और आसपास के लोगों के सैंपल लिए। विभाग की दो टीमें वार्ड नंबर 30 और वार्ड नंबर 6 में सर्वे और जांच कर रही हैं। अब तक कुल 62 सैंपल लिए जा चुके हैं। एक बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक बच्चे की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो अन्य बच्चों को भी निगरानी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रशासन के अनुसार, तौकीर अहमद की 17 वर्षीय बेटी ताशीन की जांच में भी समस्या सामने आई है। उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया है। एसडीएम ने झरने और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया चार बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने गोराटीला झरने और आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने बुधवार को प्रशासनिक अमले के साथ झरने और आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग को गांव में लगातार सर्वे करने और ग्रामीणों की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। परिवारों को 1.5-1.5 लाख रुपए की राहत चार बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी है। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। रेडक्रॉस की ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1.5 लाख रुपए की राहत राशि का चेक सौंपा गया। इस तरह चारों परिवारों को अलग-अलग 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। झरने का पानी इस्तेमाल न करने की अपील प्रशासन ने गोराटीला झरने के पानी को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जांच रिपोर्ट आने तक लोगों से झरने के पानी का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस पानी से न नहाएं और न ही इसे पीने या घरेलू उपयोग में लें। डेंगू की भी आशंका, टेस्ट कराए जा रहे सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषेश्वर के मुताबिक, शुरुआती जांच में लोगों में बुखार और उल्टी-दस्त जैसे लक्षण मिले हैं। कुछ जांचों में संक्रमण के संकेत भी सामने आए हैं। इसके अलावा लीवर एंजाइम में गड़बड़ी पाई गई है। डेंगू की आशंका को देखते हुए उसके टेस्ट भी कराए हैं। उन्होंने बताया- हालांकि, शुरुआती अस्पताल रिकॉर्ड में मरीजों के प्लेटलेट्स सामान्य बताए गए हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने और मौत के पीछे संक्रमण है या कोई दूसरा कारण। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें जहां 27 बच्चों की मौत, वहां 134 बच्चे फिर बीमार मध्य प्रदेश के बालाघाट में बच्चों की बीमारी से फिर हालात बिगड़ गए हैं। जहां 27 आदिवासी बच्चों की मौत हो चुकी है, वहां फिर करीब 134 बच्चे बीमार हैं। इनमें कई बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार, मलेरिया, डायरिया, खसरा और सर्दी-खांसी से पीड़ित हैं। पढ़ें पूरी खबर…
