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आदिवासी बहुल गांवों से अस्पताल पहुंच रहे बीमार बच्चे:बालाघाट; जहां 27 मौतें, वहां 132 बच्चे बीमार, एक बेड पर 2-3 भर्ती

जून के अंतिम सप्ताह से अब तक आदिवासी इलाकों में 27 मौतों के बाद भी बच्चों के बीमार होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। 24 घंटे में जिला अस्पताल में 132 बच्चे पहुंचे। इनमें बैहर और परसवाड़ा के मछुरदा, अडोरी, सोनगुड्डा, मोहनपुर, कोरका और कुंडेकसा गांवों के मलेरिया, खसरा, डायरिया और बुखार पीड़ित बच्चे भी शामिल हैं। वहीं जिला अस्पताल के पीआईसीयू और पीडियाट्रिक वार्ड में इलाज का संकट खड़ा हो गया। इन दोनों वार्डों में कुल 40 बेड हैं, जबकि सोमवार को 132 बच्चे भर्ती थे। जिसके चलते एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती करके इलाज करना पड़ रहा है। वहीं नर्सिंग स्टाफ की कमी, मॉनीटर सहित अन्य उपकरणों के काम न करने की शिकायतें भी सामने आईं। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि जिला अस्पताल में 50 बेड बढ़ाकर 100 से अधिक बेड की व्यवस्था कर ली है। मंगलवार को 32 बच्चे स्वस्थ हो गए। 100 का इलाज जारी है, इनमें बिरसा ब्लॉक के 67 बच्चे भी इलाजरत हैं। 27 बच्चों की ढाई महीने में मौत, बीमारी अब भी चुनौती
जून के अंतिम सप्ताह से अब तक 27 बच्चों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रशासन लगातार गंभीर बीमारी से इनकार कर रहा है। वर्तमान में जिला अस्पताल में सोमवार को भर्ती हुए 132 बच्चों में से सिर्फ 67 बच्चे बिरसा क्षेत्र के होने का दावा स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने किया है। बीमार बच्चों का इलाज कराने 100 किमी दूर ला रहे; प्रभावित क्षेत्र में बने अस्थाई अस्पताल, तो मिले राहत
बीमार बच्चों को परिजन 100 किमी दूर इलाज कराने जिला अस्पताल ला रहे हैं। ऐसे में गरीब आदिवासी परिवारों की परेशानी देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में ही कम से कम 50 बेड का अस्थायी अस्पताल शुरू करने की जरूरत महसूस हो रही है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तो गंभीर मामलों को छोड़कर अधिकांश बच्चों का इलाज प्रभावित क्षेत्र के आसपास ही किया जा सकता है। इससे जिला अस्पताल पर भी दबाव घटेगा। शिवपुरी… बुखार, उल्टी-दस्त व पेट दर्द से 10 दिन में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत शहर में 10 दिन में एक परिवार के 4 मासूम बच्चों की मौत बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द से हो गई। जानकारी के अनुसार सईसपुरा निवासी तनवीर पुत्र मुन्ना बाबू के बड़े बेटे ताहिर (13) की 21 अगस्त को बुखार, उल्टी और पेट दर्द होने पर उपचार के दौरान मौत हो गई। अगले दिन तनवीर की बहन तबुस्सम के बेटे अयाज की भी मौत हो गई। वहीं तनवीर के मझले बेटे तारुफ (11) और छोटे बेटे तोसिफ की तबीयत सोमवार को खराब हो गई। तारुफ की शिवपुरी और तोसिफ की ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर का कहना है कि बीमारी के सटीक कारण के लिए पूरे परिवार के ब्लड सैंपल लिए हैं। पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं।

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