गणेश चतुर्थी को लेकर जहां शहर में पंडाल सजाए जा रहे हैं और गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं, वहीं खजराना गणेश मंदिर में भी गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर में होने वाले आयोजनों, भगवान के श्रृंगार, सजावट, प्रसाद और भोग, लाइटिंग, भक्तों की दर्शन व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था सहित अन्य तैयारियां की जा रही हैं। इस बार भी गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाएगा। गणेशोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन के साथ होगा। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा और निगम कमिश्नर एवं मंदिर के प्रशासक क्षितिज सिंघल ध्वजा पूजन करेंगे। सवा लाख मोदक बनाने का काम भी जल्द मंदिर परिसर में शुरू होगा। गणेशोत्सव के दौरान दूर-दूर से बड़ी संख्या में भक्त भगवान गणेश के दर्शन और आशीर्वाद के लिए मंदिर पहुंचते हैं। गणेशोत्सव से एक दिन पहले हरतालिका तीज को लेकर भी मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि 13 सितंबर को हरतालिका तीज पर मंदिर रातभर भक्तों के दर्शन के लिए खुला रहेगा। यानी मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। सवा लाख मोदक का भोग, आरती के समय लगेगा 11 हजार लड्डुओं का भोग पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि गणेशोत्सव पर हर साल मंदिर में भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का भोग लगाया जाता है। इस साल भी सवा लाख मोदक भगवान को अर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 10 दिनों तक शाम की आरती के समय अलग-अलग प्रकार के 11 हजार लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसमें सोंठ, ड्रायफ्रूट, उड़द आदि के लड्डू शामिल होंगे। आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। 6 करोड़ से ज्यादा के स्वर्ण आभूषणों से होगा श्रृंगार गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश का रोजाना भव्य श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को स्वर्ण आभूषण पहनाए जाएंगे। इन स्वर्ण आभूषणों की कीमत 6 करोड़ रुपए से ज्यादा है। आभूषणों को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मंदिर में लाया जाता है। इसके बाद भगवान गणेश को ये स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाते हैं। यह श्रृंगार विशेष होता है। पूरे 10 दिनों तक भगवान के अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार देखने को मिलेगा। 80 से ज्यादा CCTV कैमरों से नजर, 100 सुरक्षा गार्ड तैनात उन्होंने बताया कि गणेशोत्सव को देखते हुए मंदिर में विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के गर्भगृह के मुख्य गेट को पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। साथ ही मंदिर के सामने बने सभामंडप को डेढ़ फीट नीचे कर दिया गया है। इससे यहां आने वाले भक्तों को भगवान के दर्शन करने में आसानी होगी। भक्तों की भीड़ को देखते हुए जिक-जैक रेलिंग भी बढ़ाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। पूरे मंदिर परिसर में 80 से ज्यादा CCTV कैमरों से नजर रखी जाएगी। व्यवस्था के लिए चार थानों का पुलिस बल भी तैनात रहेगा। मंदिर प्रबंधन समिति के 30 सुरक्षा गार्ड यहां नियमित रूप से तैनात रहते हैं। गणेशोत्सव के दौरान इनकी संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी। 6 दिन में पूरा होगा मोदक बनाने का काम श्री सिद्धि विनायक भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी और कैलाश पंच ने बताया कि मंदिर की परंपरा के अनुरूप भक्त मंडल की ओर से गणेशोत्सव के पहले दिन सवा लाख मोदकों का भोग भगवान गणेश को समर्पित किया जाएगा। इसके बाद 10 दिनों तक रोजाना अलग-अलग प्रकार के अनाज और अन्य सामग्री से बने लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। गणेशोत्सव के दौरान मूंग, उड़द, चावल, चंवला, चना, ज्वार, बाजरा, गेहूं, सूखे मेवे और पंचमेवा सहित अन्य सामग्री से बने अलग-अलग लड्डुओं का भोग रोजाना शाम को खजराना गणेश को लगाया जाएगा। मोदक बनाने का काम करीब 6 दिनों में पूरा होगा। इसके लिए हलवाई खेमजीभाई और उनके 30 सहयोगी 10 सुपरभट्टियों पर जल्द ही मोदक बनाने का काम शुरू करेंगे।
