गुना के जिला अस्पताल में 11 साल की बच्ची की मौत के बाद मंगलवार शाम परिजनों ने हंगामा कर दिया। सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब बच्ची के दादा उसका शव गोद में लेकर वार्ड से नीचे आए और परिजन अस्पताल के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। तहसीलदार के कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन माने और प्रदर्शन समाप्त कर दिया। बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम रूम में रखवा दिया गया है। बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार का आरोप है कि महू गढ़ा गांव की दिव्या वंशकार को सुबह अज्ञात कीड़े ने काटा था और जिला अस्पताल लाने के बाद उसे कई घंटे तक इलाज नहीं मिला। देखिए तस्वीरें पिता बोले- आंख के नीचे निशान था, गले में कुछ चुभ रहा था बच्ची के पिता के मुताबिक, सुबह दिव्या की आंख के नीचे एक निशान दिखा था। वह कह रही थी कि उसके गले में कुछ चुभ रहा है। पिता का कहना है कि बच्ची को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। परिवार उसे लेकर सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची का सिर्फ ब्लड सैंपल लिया गया। इसके बाद कई घंटे तक इलाज शुरू नहीं किया गया। परिवार ने गुना में रहने वाले एक परिचित को बुलाया। उसके स्टाफ से बात करने के बाद बच्ची का इलाज शुरू किया गया। इलाज शुरू होने के बाद बिगड़ी तबीयत, भोपाल रेफर किया परिजनों के अनुसार, इलाज शुरू होने के बाद दिव्या को एक इंजेक्शन और एक बोतल लगाई गई। इसके बाद शाम को उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल स्टाफ ने उसे भोपाल रेफर किया, लेकिन इसी दौरान करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि बच्ची को समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी हालत इतनी नहीं बिगड़ती। हालांकि, बच्ची की मौत का वास्तविक मेडिकल कारण अभी स्पष्ट नहीं है। दादा को वार्ड से बाहर करने का आरोप परिजनों का आरोप है कि बच्ची के इलाज के दौरान उसके दादा जब वार्ड में उसके पास जाने लगे तो नर्सों ने उन्हें वहां से भगा दिया। परिवार का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों ने नर्सों को संरक्षण दिया और इलाज के दौरान मौजूद तीनों नर्सों को वार्ड से बाहर कर दिया गया। बच्ची की मौत के बाद भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी के बाद परिवार ने वार्ड में हंगामा किया। पुलिस पहुंची, FIR की मांग पर अड़ा परिवार हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी TI राजकुमार शर्मा पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस परिवार से आवेदन देने की बात कर रही है। हालांकि, परिजन पहले वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने और नर्सों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। परिवार का कहना है कि कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही बच्ची का शव यहां से हटाया जाएगा। डॉक्टरों ने बात करने से किया इनकार इस मामले में अस्पताल के डॉक्टरों से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। सिविल सर्जन को भी कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। परिवार बच्ची की मौत के लिए इलाज में देरी को जिम्मेदार बता रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ————–
यह खबर भी पढ़ें 4 घंटे झाड़ियों में पड़ी रही नवजात, चीटियां काटती रहीं रायसेन में मंगलवार को कटीली झाड़ियों और बारिश के पानी के बीच एक नवजात बच्ची मिली। बच्ची करीब 3 से 4 घंटे तक जंगल में पड़ी रही और चीटियां उसे काटती रहीं। उसके शरीर पर कटीली झाड़ियों से चोट के निशान भी मिले हैं। पानी में पड़े रहने से उसका शरीर अकड़ गया था। बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। पढ़ें पूरी खबर
