खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई टीएल बैठक में शिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान लापरवाही सामने आने पर डीईओ बलवंत पटेल, खालवा सीईओ रतिलाल कनासे और सीडीपीओ रूपसिंह सिसोदिया का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को साफ कहा कि शिकायतों का समय-सीमा में संतोषजनक निराकरण किया जाए और इसकी जानकारी संबंधित पोर्टल पर भी दर्ज कराई जाए। शिकायतें खुद देखें, कंप्यूटर ऑपरेटर के भरोसे न रहें कलेक्टर गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को केवल कंप्यूटर ऑपरेटर के भरोसे न छोड़ा जाए। अधिकारी खुद शिकायत की वास्तविक स्थिति देखें और उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करें। शिकायत का निराकरण होने के बाद उसकी जानकारी संबंधित पोर्टल पर भी अनिवार्य रूप से दर्ज कराई जाए, ताकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में स्थिति अपडेट रहे। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से दूसरे विभागों में ट्रांसफर नहीं किया जाए। यदि शिकायत किसी विभाग से संबंधित है तो उसी विभाग के अधिकारी उसकी जिम्मेदारी लेकर निराकरण करें। कलेक्टर ने लंबित शिकायतों की लगातार निगरानी करने और तय समय सीमा के भीतर उनका समाधान करने के निर्देश दिए। प्राकृतिक आपदा के मामलों में जल्द मिले राहत कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ग्रामीणों के आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों के मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और पात्र लोगों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और उनकी लगातार निगरानी करने के लिए कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद लोगों को राहत देने से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जल जीवन मिशन की योजनाओं की भी समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए। जिन योजनाओं का काम अभी अधूरा है, उन्हें भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों को वर्षभर सक्रिय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल स्रोतों के आसपास वाटर रिचार्जिंग स्ट्रक्चर तैयार कराए जाएं, ताकि बारिश के पानी का संचयन हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों में पर्याप्त पानी बना रहे। मंडी में किसानों को कम से कम समय रुकना पड़े कलेक्टर ने मंडी प्रशासक को किसानों से जुड़े सभी काम तय समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान अपनी उपज से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराने के लिए मंडी परिसर में अनावश्यक रूप से ज्यादा समय तक न रुकें। उन्होंने मंडी स्तर पर लंबित कामों की निगरानी करने और उन्हें समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पंचायतों में टैक्स वसूली बढ़ाने के निर्देश समीक्षा बैठक में पंचायतों की आय से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में जलकर, संपत्ति कर और अन्य करों की नियमित वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों की आर्थिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए लंबित करों की वसूली की नियमित समीक्षा की जाए और जहां वसूली कम है, वहां संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं। फसल गिरदावरी जल्द पूरी कर पोर्टल पर अपलोड करें सर्वे कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को फसल गिरदावरी का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेतों में किए गए सर्वे की जानकारी समय पर संबंधित पोर्टल पर अपलोड की जाए। गिरदावरी के काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और तय समय सीमा में पूरी प्रक्रिया समाप्त की जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को गिरदावरी के काम की लगातार निगरानी करने के लिए भी कहा, ताकि किसानों से जुड़े रिकॉर्ड को समय पर अपडेट किया जा सके। फार्मर रजिस्ट्री में कमजोर प्रगति पर पटवारियों पर होगी कार्रवाई बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन पटवारियों की प्रगति लगातार कमजोर पाई जाएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के काम की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से लें। किसी भी काम में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश टीएल बैठक में कलेक्टर ने समयावधि के प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को शासन स्तर से प्राप्त पत्रों और निर्देशों का तय समय सीमा में पालन सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही विभागवार लंबित मामलों की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसके लिए योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, सीईओ ऐश्वर्य वर्मा, पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, सहायक कलेक्टर शिल्पा चौहान, अपर कलेक्टर अरविंद चौहान और अपर कलेक्टर केआर बडोले सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी शामिल हुए।
