रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में जच्चा-बच्चा मौत मामले में दैनिक भास्कर की खबर के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। मौत से पहले गर्भवती कल्पना मिश्रा का ‘मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए मां’ कहते हुए VIDEO भास्कर ने सामने लाया था। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात 2 लेडी डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले 2 नर्सिंग अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के डीन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सुनील अग्रवाल ने दोनों डॉक्टरों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। इनमें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पाण्डेय शामिल हैं। निलंबन आदेश में दोनों पर कार्य के प्रति घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता का प्रथम दृष्टया उल्लेख किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों डॉक्टर संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक, गांधी स्मारक चिकित्सालय के कार्यालय में पदस्थ रहेंगी। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस मामले में 27 अगस्त की शाम नर्सिंग अधिकारी साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को भी निलंबित किया गया था। मौत से पहले VIDEO में मदद मांग रही थी कल्पना बैकुंठपुर के हटवा निवासी 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा पहली डिलीवरी के लिए गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हुई थीं। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ी और 26 अगस्त की रात 11:55 बजे उनकी मौत हो गई। नवजात की भी मौत हो गई। मौत से कुछ घंटे पहले का VIDEO सामने आया था। इसमें कल्पना डिलीवरी वार्ड से रोते हुए बाहर निकलकर परिजन से मदद मांगती नजर आ रही थीं। वह कह रही थीं- ‘मैं नहीं बचूंगी… बचा लीजिए मां। मुझे मार डालेंगे।’ नर्सिंग स्टाफ कह रहा था – तू पागल हो गई है क्या ? VIDEO में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ उन्हें रोकने और समझाने की कोशिश करता दिख रहा था। इस दौरान स्टाफ की ओर से महिला से कहा गया- ‘तू पागल हो गई है क्या?’ कल्पना लगातार रोते हुए इलाज पर सवाल उठा रही थीं। वह वार्ड से बाहर जाने की जिद कर रही थीं और कह रही थीं कि उनका गलत तरीके से इलाज हो रहा है और उनकी जान को खतरा है। स्टाफ उन्हें समझाकर वापस वार्ड में ले गया। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने डॉक्टरों से बेटी की हालत देखने और उसका चेकअप करने के लिए कहा, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप था कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से कल्पना की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की थी। महिला की मौत के बाद उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठकर प्रदर्शन भी किया था। अस्पताल अधीक्षक ने लापरवाही से किया था इनकार अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा था कि महिला का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया। डॉक्टरों की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई। हालांकि, परिजन के आरोपों के संबंध में जानकारी ली जा रही थी। —————–
यह खबर भी पढ़ें ‘मैं नहीं बचूंगी, बचा लीजिए, मुझे मार डालेंगे मां’, VIDEO:मदद मांगने के कुछ घंटे बाद गर्भवती की मौत रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में पहली डिलीवरी के दौरान 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत हो गई। मौत से कुछ घंटे पहले का VIDEO सामने आया था, जिसमें कल्पना वार्ड से रोते हुए बाहर निकलकर कह रही थीं- ‘मुझे बचा लीजिए मां, ये लोग मुझे मार डालेंगे।’ परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया था। मामले में 2 नर्सिंग अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर
