मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की जांबाज महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई अभद्र टिप्पणी का मामला अब अत्यंत गंभीर राजनीतिक और सामाजिक रूप ले चुका है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सैनिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) ने प्रदेश की वर्तमान सरकार और पूरे मंत्रिमंडल पर हमला बोला। उन्होंने बेहद आक्रोशित लहजे में कहा कि जब देश और सेना का सवाल आता है, तो सैनिक अपना सब कुछ न्योछावर करके देश को सुरक्षित रखते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश शासन अपनी ही सेना की महिला अफसर को अपशब्द कहने वाले मंत्री को बचाने में लगा हुआ है। मेजर जनरल (रिटायर्ड) श्याम श्रीवास्तव ने हाल ही में सामने आई उन खबरों पर गहरी आपत्ति जताई, जिनमें कहा गया है कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने इस मामले में विजय शाह का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा- यह बेहद शर्मनाक है कि जो लोग देश और सेना के नाम पर वोट लेते हैं और सरकारें बनाते हैं, वे देश की इतनी बड़ी सैन्य अधिकारी को गाली दिए जाने के बाद भी कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। मंत्रिमंडल विजय शाह को बचाने वाले अपने इस फैसले को तुरंत बदले और दोषी मंत्री पर कड़ी कार्रवाई करे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ‘देश की बेटी’ निभा रही थी बड़ा रोल मेजर जनरल (रिटायर्ड) श्याम श्रीवास्तव ने उस भयावह घटना को याद करते हुए बताया कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कायराना हरकत करते हुए 26 देशवासियों की उनकी पत्नियों और परिवारों के सामने निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना का जवाब हमारी वीर सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया और आतंकवादियों के नौ ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया। उन्होंने कहा, “जब यह बेहद संवेदनशील सैन्य ऑपरेशन चल रहा था, तब देश और दुनिया को पल-पल की सटीक जानकारी देने के लिए हमारी सेना की अफसर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी मीडिया के सामने एक बड़ा और महत्वपूर्ण रोल अदा कर रही थीं। पूरा देश उन पर गर्व कर रहा था, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि हमारे मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह महू के पास एक गांव में सभा के दौरान उसी जांबाज अफसर सोफिया कुरैशी को ‘आतंकवादियों की बहन’ बता रहे थे। ‘सेना में सारे धर्म और जातियों को बराबर माना जाता है’ मंत्री विजय शाह के बयान की निंदा करते हुए रिटायर्ड मेजर जनरल ने कहा कि “सेना में सारे धर्म और जातियों को बराबर माना जाता है। सरहद पर तैनात सेना की यूनिट्स में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सब पास-पास होते हैं। वहां सारे त्योहार सभी सैनिक मिलकर मनाते हैं। ऐसी महान और सर्वधर्म समभाव वाली सेना की अधिकारी को धर्म के चश्मे से देखना और उनका अपमान करना करोड़ों हिंदुस्तानियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। तुरंत इस्तीफा होना चाहिए था, लेकिन मिला सरकारी संरक्षण पूर्व सैनिकों ने सरकार की नीति और नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की घटिया टिप्पणी के बाद तो मंत्री विजय शाह को खुद ही तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए था या मुख्यमंत्री को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए था। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय मुख्यमंत्री और बाकी मंत्री उन्हें बचाने के चक्कर में लगे हुए हैं। पूर्व सैनिकों की दो टूक चेतावनी- करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से न खेलें मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जो सैनिक देश की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाते हैं और कुर्बानियां देते हैं, उनके और करोड़ों देशवासियों के सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। यदि, मध्य प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल के रुख को बदलते हुए विजय शाह के खिलाफ तुरंत सख्त और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो देश के पूर्व सैनिक अपने सम्मान और भारतीय सेना की गरिमा की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।
