Homeमध्यप्रदेशकैमरे पर पहली बार चुनाव आयोग के घूसखोर अफसर:1.80 करोड़ के बिल...

कैमरे पर पहली बार चुनाव आयोग के घूसखोर अफसर:1.80 करोड़ के बिल के लिए 15% कमीशन; दलाल बोला- कैश दो, पेमेंट लो

मध्य प्रदेश चुनाव आयोग में चुनावी व्यवस्थाओं से जुड़े पेमेंट के लिए कमीशन लिया जाता है। विधानसभा चुनाव 2023, लोकसभा चुनाव 2024 और एसआईआर 2025 के दौरान वीडियोग्राफी, वाहनों में जीपीएस और सीसीटीवी लगाने वाली फर्मों के करोड़ों रुपए के बिल पेमेंट के लिए अटके हुए थे। आरोप है कि इन्हें मंजूर कराने के बदले अधिकारी-कर्मचारी 15% कमीशन मांग रहे थे। दैनिक भास्कर के खोजी स्टिंग ऑपरेशन में इस कथित कमीशन नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसमें चुनाव आयोग की बजट शाखा के कर्मचारी, एक निजी दलाल और बड़े स्तर के अधिकारियों के शामिल होने के आरोप सामने आए हैं। भास्कर का स्टिंग: ऐसे सामने आया कमीशन का नेटवर्क पांच मुलाकातों में कमीशन मांगने के कथित तरीकों का खुलासा रिपोर्टर ने उज्जैन की फर्म के भुगतान का हवाला देकर बजट शाखा के कर्मचारियों से संपर्क किया। इस दौरान गोपाल निमोरे से पांच मुलाकातें हुईं, जिनमें कथित कमीशन मांगने के तरीके सामने आए। पहली मुलाकात (24 जून 2026): रिपोर्टर की मुलाकात बजट शाखा की कर्मचारी रितु साल्वे से हुई। उन्होंने बताया कि फाइल पर चर्चा के लिए सीईओ ने डिप्टी डीईओ को बुलाया है और फाइल में कुछ ‘क्वेरी’ है। इसके बाद रिपोर्टर सीईओ के पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद तिवारी से मिला। तिवारी ने कहा- “डीलिंग के लिए आप तो निमोरे को पकड़ लो, वही काम करवाएंगे। निमोरे से संबंध बनाओ, काम हो जाएगा।” दूसरी मुलाकात (15 जुलाई 2026): गोपाल निमोरे ने संकेत दिया कि हाल ही में जिसका भुगतान हुआ है, उस फर्म के जरिए कोशिश करें। बाहर निकलने पर रितु साल्वे ने भी कहा- “बैठकर समाधान निकाल लीजिए… फालतू में क्यों परेशान हो रहे हैं।” तीसरी मुलाकात (21 जुलाई 2026): निमोरे ने कहा कि कोर्ट जाने पर मामला 10 साल तक खिंच सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आयोग में 1995 के मामले भी चल रहे हैं। फिर कहा- “कल आइए, मैं जिसको बोलता हूं उससे बात करिए और मामला खत्म करिए।” चौथी मुलाकात (05 अगस्त 2026): निमोरे ने रिपोर्टर से देवास के सचिन गोस्वामी (नटराज डिजिटल स्टूडियो) से संपर्क करने को कहा। राजगढ़ का भुगतान हाल ही में हुआ था। निमोरे ने कहा- “जितने मंदिर जाओगे, उतना ज्यादा चढ़ावा चढ़ाना पड़ेगा। जितने मंदिर जाओगे, उतना ज्यादा नारियल लगेगा। आराम से चलो, काम हो जाएगा। आप राजगढ़ वाले (सचिन) से बात करो, वो साहब को कॉल कर देंगे। मुझे तो बस साहब का ऑर्डर चाहिए।” पांचवीं मुलाकात (13 अगस्त 2026): सचिन गोस्वामी से बातचीत के बाद रिपोर्टर दोबारा निमोरे से मिला। निमोरे ने कहा- “उन्होंने अभी बहुत सारे काम करवाए हैं, इसीलिए मैंने और सर ने भी बोला था कि उनसे बात करिए। उनके तो पार्टनरशिप में काम चलते हैं, बहुत सारे पेमेंट की लेनदेन होती है।” गोपाल निमोरे के संकेत पर रिपोर्टर ने 6 अगस्त 2026 को सचिन गोस्वामी को फोन किया। इसके बाद 7 अगस्त को देवास के मां कृपा मार्केट स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात हुई। बातचीत में गोस्वामी ने 15% कमीशन और भुगतान की प्रक्रिया बताई। सीधा सौदा: रिपोर्टर ने बताया कि करीब 1.80 करोड़ रुपए का भुगतान अटका है। सचिन ने 15% कमीशन यानी करीब 27 लाख रुपए नकद मांगे। एडवांस कैश की शर्त: सचिन ने कहा- “उनको (निर्वाचन आयोग को) पूरा पेमेंट कैश में पहले देना होगा। पेमेंट देने के 4 से 5 दिन में आपका पैसा जिला निर्वाचन के खाते में डल जाएगा। मैं ही सब कुछ हूं, आपको पेमेंट मुझे ही देना होगा।” सीईओ से सीधे संपर्क का दावा: सचिन ने कहा- “मैंने डायरेक्ट साहब को फोन लगा दिया है, मेरी उनसे बात हो गई है। कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बेहतर है 15% दो और पेमेंट लो। अगर चौथे-पांचवें दिन पेमेंट नहीं डला, तो मैं आपका पैसा वापस कर दूंगा। अगर 5% या 10% पर काम होना होता, तो कब का हो जाता। मैं खुद अपना पेमेंट 15% देकर ही निकलवाया हूं।” समझिए: स्टिंग के मुताबिक कैसे चलता है कमीशन का कथित नेटवर्क

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here