मऊगंज जिले में अंत्योदय अन्न योजना के 17,385 परिवारों को 5 महीने से रियायती शक्कर नहीं मिल रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के AePDS पोर्टल पर अप्रैल से अगस्त तक शक्कर का आवंटन शून्य दर्ज है। इसके चलते हितग्राहियों को बाजार से महंगी शक्कर खरीदनी पड़ रही है। अप्रैल से अगस्त तक नहीं बांटी गई शक्कर पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में जनवरी में 13,163 Kg शक्कर का आवंटन हुआ था। फरवरी में 15,197 Kg और मार्च में 15,910 Kg शक्कर बांटी गई थी। इसके बाद अप्रैल, मई, जून, जुलाई और अगस्त में शक्कर का आवंटन शून्य रहा। मैदानी अधिकारियों के मुताबिक, शासन स्तर से शक्कर का आवंटन नहीं मिला है। इस कारण उचित मूल्य दुकानों पर अंत्योदय कार्डधारियों को शक्कर नहीं मिल पा रही है। बाजार में 65 से 70 रुपए Kg बिक रही शक्कर सरकारी कोटे की शक्कर नहीं मिलने के कारण बाजार में इसकी कीमत भी बढ़ गई है। स्थानीय बाजार में शक्कर 65 से 70 रुपए प्रति किलो बिकने की बात सामने आई है। व्यापारियों के मुताबिक, 50 किलो की बोरी की कीमत पहले करीब 2,000 रुपए थी। अब यह करीब 3,225 रुपए हो गई है। शक्कर महंगी होने का असर छोटे चाय दुकानदारों पर भी पड़ रहा है। चाय दुकान संचालक राजेश्वर प्रसाद पटेल ने बताया कि वे पहले 10 रुपए में चाय बेचते थे। अब शक्कर करीब 70 रुपए किलो होने से लागत बढ़ गई है। ऐसे में 10 रुपए में चाय बेचना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि चाय की कीमत बढ़ाने पर ग्राहक महंगी चाय नहीं लेते हैं। इससे छोटे दुकानदारों की आय प्रभावित हो रही है। विपक्षी दल बोले- इथेनॉल उत्पादन से चीनी उत्पादन की उपलब्धता प्रभावित हुई मऊगंज अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष और जनपद सदस्य शेख मुख्तार सिद्दीकी ने शक्कर का आवंटन बंद होने पर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अप्रैल से अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली रियायती शक्कर का आवंटन बंद है। उन्होंने इसका संबंध इथेनॉल उत्पादन से बताया। शक्कर के आवंटन और बढ़ती कीमतों के बीच इथेनॉल नीति को लेकर राजनीतिक बहस भी है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि गन्ने का अधिक उपयोग इथेनॉल उत्पादन में होने से चीनी उत्पादन और बाजार में उपलब्धता प्रभावित हुई है। हालांकि, मऊगंज में PDS के तहत शक्कर का आवंटन बंद होने और इथेनॉल नीति के बीच सीधे कारण-परिणाम की पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में शासन स्तर से स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। हितग्राहियों को अब शक्कर का आवंटन दोबारा शुरू होने का इंतजार है। महंगाई के बीच परिवारों पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को देखते हुए शक्कर का आवंटन जल्द बहाल करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है। प्रदेश में राशन की शक्कर मिलना अप्रैल से बंद मध्य प्रदेश में करीब 12 लाख अंत्योदय कार्डधारियों को मिलने वाली रियायती शक्कर अप्रैल से बंद है। aEPDS पोर्टल के अनुसार जनवरी में 12,51,418 किलो, फरवरी में 12,35,167 किलो और मार्च में 12,58,320 किलो शक्कर का आवंटन हुआ था। इसके बाद अप्रैल से अगस्त तक आवंटन शून्य दर्ज है। उचित मूल्य दुकानों पर 20 रुपए किलो मिलने वाली शक्कर बंद होने से गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। खुले बाजार में शक्कर के दाम करीब 70 रुपए किलो तक पहुंचने का दावा है। अधिकारियों के मुताबिक शासन स्तर से आवंटन नहीं आने के कारण वितरण बंद है।
