लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में पैलेट गन मामले की जांच की जानकारी ली। राहुल अपने साथ घायल छात्र को भी लाए थे। राहुल इस मामले में शिकायत भी कराएंगे। राहुल ने संसद मार्च में पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगा चुके है। उन्होंने संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को उठाया था और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई है। नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था। इस दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल भी की थी। 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ था। पुलिस एक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यों की हाई पावर्ड कमेटी के नामों का ऐलान किया था। कमेटी का अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को बनाया गया है। इसमें पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शलिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड DGP डॉ. एलआर बिश्नोई शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था- संसद मार्च गैरकानूनी था सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि 20 जुलाई का संसद मार्च गैरकानूनी था। इसकी परमिशन नहीं थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में कई हिस्ट्रीशीटर भी आ गए थे। पुलिस ने बताया कि संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिस से मारपीट की, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं रहा। हालात संभालने के लिए बल प्रयोग किया गया था,लेकिन प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया गया। कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट 36 दिन चला था
