टैक्सी चालकों की हड़ताल को लेकर मंगलवार को परिवहन अधिकारियों और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकल सका। बैठक में टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के सचिव नफीस उद्दीन और भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। यूनियन के मुताबिक, अब हड़ताल की आगे की दिशा बुधवार को परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात के बाद तय होगी। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना टैक्सी संगठनों की ओर से बुधवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें टैक्सी चालक अपनी प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। संगठन की मांग है कि सरकार टैक्सियों के लिए उचित किराया निर्धारित करे, एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाए और प्राइवेट नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई करें। धरने के बाद परिवहन मंत्री से मुलाकात धरना-प्रदर्शन के बाद टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात करेंगे। संगठन की ओर से मंत्री के सामने ड्राइवरों की समस्याएं, किराया निर्धारण और एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े मुद्दे रखे जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि मौजूदा हड़ताल को आगे जारी रखा जाए या इसमें कोई बदलाव किया जाए। हड़ताल से यात्रियों को हो रही परेशानी 18 अगस्त की रात 12 बजे से टैक्सी संचालन बंद होने के कारण बुधवार को भोपाल में कैब सेवाएं प्रभावित हैं। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों को कैब नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री ऑटो और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा ले रहे हैं। कुछ स्थानों पर ऑटो चालकों द्वारा अधिक किराया लिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। बातचीत के बाद होगा फैसला यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि परिवहन अधिकारियों के साथ हुई बैठक में फिलहाल कोई अंतिम समाधान नहीं निकला है। अब आज परिवहन मंत्री से होने वाली मुलाकात अहम होगी। मंत्री के साथ बातचीत में मांगों पर क्या आश्वासन मिलता है, उसके आधार पर हड़ताल समाप्त करने, जारी रखने या आंदोलन का स्वरूप बदलने पर फैसला लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में टैक्सी हड़ताल से यात्री परेशान एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ टैक्सी चालक संघ की हड़ताल के चलते भोपाल में मंगलवार रात 12 बजे से ओला, उबर समेत अन्य कैब का संचालन बंद है। बुधवार सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर इसका सीधा असर दिखाई दिया। यात्रियों ने ऑनलाइन कैब बुक करने की कई बार कोशिश की, लेकिन गाड़ियां उपलब्ध नहीं हुईं। मजबूरन उन्हें ऑटो और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। जिसका फायदा ऑटो चालकों ने उठाया। उन्होंने डेढ़ से दो गुना किराया वसूल किया।पूरी खबर पढ़ें
