मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। वीआईपी कल्चर से आम श्रद्धालुओं की फजीहत
देश में वीआईपी कल्चर के चलते अक्सर आम जनता की फजीहत होती रहती है। अब ऐसा ही नजारा उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में भी देखने को मिला। जबकि इस मंदिर के पट साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी पर ही खुलते हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच वीआईपी लोगों ने मंदिर के गर्भगृह में जाकर इत्मिनान से दर्शन और पूजा-अर्चना की। वहीं, कई घंटों तक लाइन में लगे आम श्रद्धालुओं को महज एक-दो सेकेंड के लिए भगवान के दर्शन हो सके। श्रद्धालु सिर झुका पाते, उससे पहले ही सुरक्षाकर्मी उन्हें आगे की ओर धकेलते नजर आए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा विधायक गोलू शुक्ला, कांग्रेस विधायक महेश परमार और भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया की बेटी समेत कई अन्य वीआईपी गर्भगृह में पहुंचे। यहां उन्होंने जल और दूध चढ़ाया, पूजा की और भगवान के सामने शीश नवाया। इसे लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखने को मिली। कई श्रद्धालु वीआईपी कल्चर पर अपना गुस्सा जताते नजर आए। खरी बात ये है कि नेता भी आखिर जनता से ही आते हैं। जनता ने ही उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है। फिर भगवान के दरबार में ये वीआईपी कल्चर क्यों? जब बाबा के दरबार में सब बराबर हैं, तो दर्शन में ये फर्क क्यों? भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य हैं कि मानते नहीं
गुना के भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य हैं कि मानते नहीं। एक बार फिर ऐसी बात कह दी, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इतना ही नहीं, उनकी बातों पर भाजपा की ही विधायक प्रियंका पेंची की उनसे मंच पर नोक-झोंक हो गई। दरअसल, विधायक पन्नालाल शाक्य रामायण का प्रसंग सुना रहे थे। इसी दौरान उन्होंने माता सीता को ‘मौत का सामान’ कह दिया। उन्होंने कहा कि रावण को कई लोगों ने समझाया। उनके भाई ने भी कहा कि आप पराई स्त्री को क्यों लाए हो? ये तो मौत का सामान है। इसे सम्मान के साथ भेज दीजिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि रामायण के युद्ध में कोई महिला नहीं मरी, सभी पुरुष ही मरे। उन्होंने महाभारत के युद्ध का भी जिक्र किया और कहा कि वहां भी कोई महिला नहीं मरी, मरे तो सभी पुरुष ही। जिस वक्त पन्नालाल शाक्य ये बातें कह रहे थे, मंच पर चाचौड़ा से भाजपा विधायक प्रियंका पेंची भी मौजूद थीं। उन्होंने मंच से ही उनकी बात पर आपत्ति जताई। प्रियंका पेंची ने कहा- भाई साहब, ये गलत बात है। इस पर पन्नालाल शाक्य ने जवाब दिया- इसका फैसला बाद में करेंगे, आप बीच में मत बोलिए। प्रियंका पेंची ने भी पलटकर कहा कि महिलाओं ने भी बलिदान दिया है और मैं भी महिला हूं। अब बात निकली है तो दूर तलक जाएगी ही। पन्नालाल शाक्य के बयान पर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। कुत्ते के गेटअप में जनसुनवाई में आया एक युवक
खंडवा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान उस वक्त तमाशा हो गया, जब नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर एक शख्स को कुत्ते के गेटअप में अपने साथ ले आए। उन्होंने एक युवक को डॉग की वेशभूषा पहना दी और उसी के हाथों कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आवारा कुत्तों की नसबंदी और उनके नियंत्रण पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कुत्तों की नसबंदी के नाम पर 40 लाख रुपए फूंक दिए गए। इसके बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने इस खर्च का हिसाब भी मांगा। वैसे नेता जी समस्या तो गंभीर लेकर आए थे, लेकिन जिस अंदाज में प्रदर्शन किया, वह चर्चा का विषय बन गया। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि सियासत में सुर्खियां बटोरने के लिए ये सब भी करना पड़ता है। भाजपा सांसद ने पीएम मोदी को बना दिया रेल मंत्री
मुरैना से भाजपा सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिमोशन ही कर दिया। उन्हें सीधे रेल मंत्री बना दिया। दरअसल, उनकी जुबान फिसली और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को रेल मंत्री कह दिया। दरअसल, मुरैना के कैलारस से वीरपुर तक मेमो ट्रेन की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम के बाद सांसद मीडिया से बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा- कैलारस से वीरपुर तक मेमो ट्रेन प्रारंभ हुई है। इसके लिए भारत शासन के रेल मंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी, सभी को, शासन को बधाई… अधिकारियों को भी बहुत-बहुत धन्यवाद। अब सांसद के इस बयान पर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि भले ही सांसद की जुबान फिसली हो, लेकिन कहीं प्रधानमंत्री मोदी ने डिमोशन वाली ये बात सुन ली, तो दिक्कत हो सकती है। और अब अंदर की बात.. क्या लूप लाइन में चले गए नेता जी?
मध्य प्रदेश भाजपा के कई नेताओं को पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में जगह मिली है। लेकिन इन नेताओं को मिली जिम्मेदारियों ने नितिन नबीन की टीम में सीनियर-जूनियर की केमिस्ट्री जरूर बिगाड़ दी है। इसे लेकर प्रदेश भाजपा के नेताओं के बीच आपस में खूब चर्चा हो रही है। इन नेताओं में से एक नेता को जो जिम्मेदारी मिली है, उसे लूप लाइन माना जा रहा है। बाकी नेताओं को मिले पद इस नेता के पद से ऊपर हैं। जबकि मध्य प्रदेश के पार्टी संगठन में कभी इनका कद बाकी नेताओं से ऊंचा हुआ करता था। कहा तो यह भी जा रहा है कि ये नेता यह पद भी नहीं लेना चाह रहे थे। लेकिन ये भाजपा है… पार्टी विद डिफरेंस। यहां एक बार आदेश जारी हो जाए, तो फिर मतलब भी वही होता है। इनपुट सहयोग – शिवेंद्र परमार (उज्जैन), आशीष रघुवंशी (गुना), सावन राजपूत (खंडवा), दुष्यंत सिकरवार (मुरैना) ये भी पढ़ें –
सीएम का ‘बाहुबली’ अंदाज, महापौर ने बताया भगवान द्वारिकाधीश: भारी पड़ा ‘सबका साथ’, जीप से गिरे कांग्रेस नेता इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘बाहुबली’ वाले अंदाज में नजर आए। उन्होंने शिवलिंग को कंधे पर उठा लिया। दरअसल, सीएम एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें शिवलिंग भेंट किया। शिवलिंग हाथ में आते ही मुख्यमंत्री ने उसे कुछ उसी अंदाज में कंधे पर उठा लिया, जैसा फिल्म ‘बाहुबली’ में नजर आया था। पूरी खबर पढ़ें
