संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में ‘संत रविदास सामाजिक समरसता संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन से पहले बरखेड़ा स्थित प्राचीन संत रविदास मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें संतों का रथ, बैंड-बाजे, ढोल, बग्गी, ऊंट-घोड़े और महिला मंडल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई रवीन्द्र भवन पहुंची। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक प्रदीप लारिया सहित संत समाज और संत रविदास के अनुयायी मौजूद रहे। गांव-गांव लेकर जाएंगे कलश यात्रा SC विभाग के मंत्री नागर सिंह चौहान ने सम्मेलन में अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि यह कलश यात्रा महत्वपूर्ण है। इसे गांव-गांव तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बीजेपी के नए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कई सरकारें आई और गईं, लेकिन संत रविदास जी के त्याग बलिदान को सम्मान देने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है। दुष्यंत गौतम बोले- संतों ने कठिन दौर में समाज को दिशा दी भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम ने कहा कि यह कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा से शुरू हुआ है और संत रविदास की जयंती माघ पूर्णिमा यानी 20 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी और संस्कृति के संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों का समाज में विशेष स्थान है। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर, भगवान बिरसा मुंडा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गुरु गोविंद सिंह के योगदान का उल्लेख किया। गौतम ने कहा कि संत रविदास ने कठिन दौर में अपनी वाणी के जरिए समाज को दिशा दी। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी में धार्मिक दबाव और अस्थिरता के दौर में संतों ने भक्ति आंदोलन को मजबूती दी और संत रविदास ने अपनी वाणी को जन-जन तक पहुंचाया। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना दुष्यंत गौतम ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण लोगों में यह धारणा बनाई गई कि वंदे मातरम् पूरा गाने से कुछ लोग नाराज हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह गीत कांग्रेस के अधिवेशन में भी गाया गया था और भाजपा सरकार इसे घर-घर तक पहुंचाने का काम कर रही है। वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल समरसता संकल्प अभियान के तहत वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी और जल लेकर कलश यात्रा मध्यप्रदेश पहुंची है। करीब 1100 किलोमीटर की यात्रा के बाद कलश सिंगरौली के रास्ते प्रदेश में आया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर इसका स्वागत किया गया। अब इसी कलश को लेकर समरसता संकल्प अभियान के तहत प्रदेश के गांवों तक यात्रा पहुंचाने की तैयारी है।
