Homeमध्यप्रदेशबिना बताए हॉस्टल से बाहर गईं छात्राएं, अधीक्षक निलंबित:छिंदवाड़ा में 110 सीटर...

बिना बताए हॉस्टल से बाहर गईं छात्राएं, अधीक्षक निलंबित:छिंदवाड़ा में 110 सीटर कन्या छात्रावास का मामला; अधिकारी की अनुमति बिना भेजा

छिंदवाड़ा आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर की नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 110 सीटर कन्या शिक्षा परिसर की प्रभारी अधीक्षिका एवं प्राथमिक शिक्षिका अनिता दाहिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) की ओर से यह आदेश 16 अगस्त को जारी किया गया। मामला 14 अगस्त को सामने आया था। छात्राओं से जुड़ी शिकायत और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार आश्रम में निवासरत नाबालिग छात्राओं को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना परिसर से बाहर जाने दिया गया। विभाग ने इसे छात्राओं की सुरक्षा और अभिरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। आदेश में कहा गया है कि इस तरह की लापरवाही से नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है। साथ ही यह आश्रम की नियमावली और अनुशासन का उल्लंघन भी है। विभाग ने माना कदाचरण
कलेक्टर के आदेश में अधीक्षिका के कृत्य को कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता की श्रेणी में माना गया है। आदेश के मुताबिक यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3(1) (दो) के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है। हरई में रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत अनिता दाहिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हरई कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। अब सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
कार्रवाई के बाद अब सवाल परिसर की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी उठ रहे हैं। आखिर नाबालिग छात्राओं को बिना अनुमति परिसर से बाहर जाने की स्थिति कैसे बनी? क्या परिसर में निगरानी और अनुशासन व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी? वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया था या नहीं? इस कार्रवाई में अधीक्षक का अनीता दाहिया का कहना है कि उनके द्वारा 13 अगस्त से सूचना दी गई थी और वह छुट्टी पर थी इसके बाद भी विभाग के द्वारा उनके ऊपर कारवाई की गई है जो कि गलत है इसके पहले उनके स्थानांतरण पर उनके द्वारा कोर्ट से स्टे लिया गया था फिलहाल विभाग ने अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि मामले में जिम्मेदारी सिर्फ अधीक्षिका तक सीमित रहती है या परिसर की निगरानी व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होती है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here