महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि ‘विमल इलायची’ का विज्ञापन असल में राज्य में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ का इनडायरेक्ट रूप से प्रचार करता है। यह नोटिस इसी हफ्ते एक्टर्स के पते पर भेजे गए हैं। शाहरुख खान को ‘मन्नत’ (बांद्रा), अजय देवगन को जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी ‘टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी’ के जरिए नोटिस दिया गया है। FDA ने सभी से उनके रोल पर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में क्या कहा गया? एफडीए के नोटिस के मुताबिक, विज्ञापन का प्रेजेंटेशन, डायलॉग्स, प्रोडक्ट का नाम और मार्केट कॉन्टेक्स्ट यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या यह किसी प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रमोशन है। नोटिस में कहा गया, ‘प्रथम दृष्टया यह विज्ञापन ‘विमल’ ब्रांड का प्रचार करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून 2006 के तहत 2012 से ही राज्य में तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा तथा पान मसाला के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। तंबाकू और गुटखा नेटवर्क पर मकोका (MCOCA) की तैयारी महाराष्ट्र में साल 2012 से तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा व पान मसाला पर बैन है, जिसे हर साल रिन्यू किया जाता है। हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर ‘मकोका’ (MCOCA – महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। 2 महीने में ₹15 करोड़ का माल जब्त, 701 लोग गिरफ्तार महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच FDA के आंकड़े: पहले भी विवादों में रहा है विमल इलायची का कैंपेन विमल इलायची के विज्ञापन पर पहले भी कानूनी और रेगुलेटरी सवाल उठ चुके हैं: 2018 में नोटिस: स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA, 2003) के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी ‘विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को नोटिस भेजा था। कंपनी का तर्क: कंपनी ने कोर्ट में कहा कि वह घरेलू बाजार में ‘विमल’ ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है। जनवरी 2024 में हाईकोर्ट का फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कंपनी को बिना तंबाकू वाले उत्पादों का विज्ञापन करने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि जब तक किसी उत्पाद पर संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध नहीं है, तब तक तंबाकू-रहित पान मसाला का व्यापार करना कंपनी का मौलिक अधिकार है।
