धार जिले के धामनोद थाना इलाके के जैतापुर इंडस्ट्रियल एरिया में बनी कसीदा कंपनी में महिला मजदूरों ने तनख्वाह बढ़ाने को लेकर लगातार दूसरे दिन भी अपना प्रदर्शन जारी रखा। 12 अगस्त को भी यह आंदोलन चलता रहा। महिला मजदूरों का आरोप है कि पिछले दो साल से उनकी तनख्वाह में एक भी रुपए की बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि उनसे क्षमता से ज्यादा काम लिया जा रहा है। महिला मजदूरों ने 11 अगस्त को तेज बारिश के बीच सही मजदूरी की मांग को लेकर मोर्चा खोला था। उनकी मुख्य मांग ‘ग्रेड बढ़ाओ, सबका बढ़ाओ’ है, यानी सभी कर्मचारियों को एक समान ग्रेड और बढ़ी हुई तनख्वाह मिले। हालात को देखते हुए धामनोद पुलिस एसडीओपी मोनिका सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभालने की कोशिश की। सबको मिले एक जैसी ग्रेड आंदोलन कर रही महिला कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से काम कर रही हैं, लेकिन मेहनत के हिसाब से पैसा और ग्रेड नहीं मिल रहा। मजदूर रोशनी पंवार ने बताया कि पहले वे “सी” ग्रेड में थीं, पर विरोध के बाद उन्हें “बी” ग्रेड दे दिया गया। उनकी मांग है कि जब काम सब एक जैसा करते हैं, तो सभी को बराबरी से “बी” ग्रेड मिलना चाहिए। इस दौरान धरमपुरी के पूर्व विधायक पांचीलाल मेड़ा भी मजदूरों के बीच पहुंचे। कंपनी प्रबंधन की सफाई कंपनी प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि कुल 550 कर्मचारियों में से 91 नए थे, जिन्हें हटाने के बाद 459 बचे। इनमें से नियम पूरे करने वाले 56 कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया है। बाकी 403 कर्मचारियों का 1 जुलाई 2026 से 300 रुपए महीना डीए बढ़ाया गया है, जिसकी जानकारी पे-स्लिप में दी गई है। अगर कोई गड़बड़ी होगी तो सुधार किया जाएगा। अधिकारियों संग बैठक रही बेनतीजा मामले को सुलझाने के लिए धरमपुरी तहसीलदार अंजलि गुप्ता, धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह, श्रम निरीक्षक और कसीदा कंपनी के जनरल मैनेजर पी कुलकरणी ने 10 महिला कर्मचारियों और पूर्व विधायक के साथ बैठक की। कर्मचारियों की तरफ से 20 मांगे रखी गईं, जिन पर कंपनी प्रबंधन लगभग तैयार भी हो गया था। लेकिन आखिर में महिला कर्मचारियों ने इन शर्तों पर दस्तखत करने से मना कर दिया, जिससे बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।
