इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को 20 साल के कारावास की सजा मिली है। उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पीड़िता की मां ने 30 अक्टूबर 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह कैटरिंग का काम करती है। 29 अक्टूबर 2024 की रात करीब 8 बजे उसकी बेटी अपनी नानी के घर जाने का बोलकर निकली थी, लेकिन वहां नहीं पहुंची। पीड़िता ने बताया कि पिछले एक साल से उसकी पहचान पवन (23) से थी। घटना की रात में आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गार्डन के पास स्थित अपनी झोपड़ी में ले गया और उसके साथ गलत काम (दुष्कर्म) किया। सुबह आरोपी ने उसे वापस घर भेज दिया। 11 गवाहों की गवाही से सिद्ध हुआ जुर्म शिकायत के आधार पर द्वारकापुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 11 गवाहों की गवाही कराई और जुर्म को पूरी तरह साबित किया। 21 वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायालय (इंदौर) ने 11 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी पवन को दोषी पाया और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
