हरियाली अमावस्या और सावन के महीने के मौके पर बुधवार को सुखानंद धाम से नीमच तक 31वीं पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इसमें 200 से ज्यादा महिलाओं, पुरुषों और बच्चों समेत ढेरों श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने 45 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर नीमच सिटी के शिव शंकर मठ बाबा महाकाल मंदिर में पवित्र जल चढ़ाया। जावद तहसील के सुखानंद धाम से शुरू हुई यह यात्रा महंत भास्करानंद गिरि महाराज और महंत धर्मानंद जी महाराज के आशीर्वाद व मेघा बापू की अगुवाई में हुई। इसमें शामिल होने के लिए लोग मंगलवार शाम को ही धाम पहुंच गए थे, जहां रात भर कीर्तन और पूजा-पाठ हुआ। बुधवार सुबह करीब 6 बजे श्रद्धालुओं ने पवित्र कुंड से जल भरा और नीमच के लिए रवाना हुए। 80 लीटर तक की कांवड़ रही आकर्षण का केंद्र यह यात्रा जावद, सुआखेड़ा, कनावटी और घंटाघर होते हुए शाम को नीमच सिटी पहुंची। इस दौरान 31 लीटर, 51 लीटर और 80 लीटर की भारी-भरकम कांवड़ लोगों के लिए खास आकर्षण बनी रहीं। रास्ते में जगह-जगह सामाजिक संगठनों ने फूल बरसाकर कांवड़ियों का स्वागत किया। पूरे रास्ते शिव भजनों और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। सुख-समृद्धि की मांगी दुआ नीमच सिटी मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने सुखानंद धाम से लाए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और क्षेत्र में सुख-शांति की प्रार्थना की।
