यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी जहाज पर मिसाइल हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 3 क्रू मेंबर मारे गए। इनमें 2 पाकिस्तानी और 1 इंडोनेशियाई नागरिक था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तंजानिया के झंडे वाले इस जहाज का नाम ‘तिहामा’ था। यह ओमान के सलालाह पोर्ट से जिबूती जा रहा था। हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी जहाजों की नाकाबंदी शुरू की थी। इसके बाद से वे रेड सी में सऊदी से जुड़े 8 जहाजों पर हमला कर चुके है। इनमें एनसिलिया, लायला, गजल और वफा जैसे जहाज शामिल हैं। होर्मुज के बाद बाब अल-मंदेब में भी खतरा बढ़ा यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से समुद्री कारोबार पहले ही दबाव में है। अब बाब अल-मंदेब में भी जहाजों पर हमले बढ़ रहे हैं। इससे शिपिंग कंपनियों की परेशानी और बढ़ गई है। हूती विद्रोही रेड सी से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी जहाजों पर हूतियों के हमलों में यह पहली बार है, जब किसी की मौत हुई है। हूतियों के हमलों का असर सऊदी अरब के तेल निर्यात पर भी पड़ा है। समुद्र में जहाजों की आवाजाही कम हुई है। सुरक्षा के डर से कई जहाज रेड सी और स्वेज नहर के रास्ते से बच रहे हैं। बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाज घटे केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते बाब अल-मंदेब से रोज औसतन 32 जहाज गुजरे। पहले यहां रोज करीब 50 जहाज गुजरते थे। यानी अब इस रास्ते से करीब 18 जहाज कम गुजर रहे हैं। कई जहाज अब अफ्रीका के चारों ओर से जा रहे हैं। यह रास्ता काफी लंबा है। इससे सामान पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। इसका असर सप्लाई पर भी पड़ रहा है। सामान की कमी बढ़ सकती है। सप्लाई लाइन पर दबाव बढ़ रहा है। इससे रोजमर्रा की चीजों का खर्च भी बढ़ सकता है। यमन में ईरान और सऊदी अरब आमने-सामने ईरान और सऊदी अरब यमन में युद्ध लड़ रहे हैं। दोनों देश वहां विरोधी पक्षों का समर्थन करते हैं। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली सरकार का समर्थन करता है, जबकि ईरान हूतियों के साथ है। हूती संगठन यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है। हूतियों ने 2023 और 2024 में भी रेड सी में लगातार जहाजों पर हमले किए थे। इससे समुद्री यातायात पर असर पड़ा था। इस समय हूतियों के हमलों का असर इसलिए ज्यादा महसूस हो रहा है, क्योंकि दुनिया पहले से ही होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से जूझ रही है। दुनिया के लिए रेड सी इतना अहम क्यों है? रेड सी दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इसके एक तरफ सऊदी अरब और यमन हैं, जबकि दूसरी तरफ मिस्र, सूडान, इरिट्रिया, जिबूती और सोमालिया स्थित हैं। दुनिया के करीब 30% समुद्री व्यापार का आवागमन इसी रास्ते से होता है। रेड सी में आने-जाने के केवल दो रास्ते हैं। पूर्व में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और पश्चिम में स्वेज नहर। इसलिए इनमें से किसी एक रास्ते में रुकावट आने पर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ता है। बाब अल-मंदेब अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 29 किलोमीटर चौड़ा है। इसी वजह से यहां जहाजों के आने और जाने के लिए केवल दो समुद्री लेन हैं। ईरान जंग के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के कारण सऊदी अरब अपना ज्यादातर तेल इसी रास्ते से भेज रहा है। लेकिन अब इस रास्ते में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का असर बढ़ गया है। सामान्य समय में दुनिया के लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। अब होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी, दोनों क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया की करीब 25% ऊर्जा आपूर्ति किसी न किसी रूप में इस संघर्ष से प्रभावित हो रही है। जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी में हूती विद्रोही यमन के हूती विद्रोही रेड सी (लाल सागर) के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं। रॉयटर्स ने यह जानकारी सूत्रों ने के हवाले से दी है। हालांकि, इसे कब लागू किया जाएगा, इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हूती नेता ईरान गए थे। वहां ईरानी अधिकारियों ने जहाजों पर टैक्स लगाने का आइडिया दिया था। बाद में ईरानी सलाहकारों ने हूती अधिकारियों के साथ मिलकर टैक्स वसूलने के लिए एक संभावित व्यवस्था तैयार करने में भी मदद की। प्रस्ताव के तहत चीनी जहाजों को इस शुल्क से छूट दी जा सकती है। चीन सऊदी अरब से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाला देश है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी: तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी से दूसरे प्लेन में पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया था। ईरान से ट्रम्प की हत्या की धमकी मिलने के बाद उनकी यात्रा का पूरा प्लान बदला गया था। पूरी खबर पढ़ें…
