Homeमध्यप्रदेशMP के 3 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट:पन्ना, सतना-रीवा में...

MP के 3 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट:पन्ना, सतना-रीवा में 4 इंच बारिश होने का अनुमान; भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी

मध्य प्रदेश के 3 जिले- पन्ना, सतना और रीवा में शनिवार को हैवी रेन यानी, भारी बारिश का अलर्ट है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी होने का अनुमान है। IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, प्रदेश में अब तक औसत 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश हुई है, जबकि 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिर जाना था। इस तरह 4.2 इंच यानी, 20 प्रतिशत बारिश कम हुई है। इस सीजन में अब तक हुई बारिश कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। दतिया में भारी बारिश रिकॉर्ड, मुरैना में भी गिरा पानी
इससे पहले दतिया में शुक्रवार सुबह 4 घंटे के भीतर लगभग 1.57 इंच (40 मिमी) जबकि 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश दर्ज की गई। इससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इसके बाद स्कूलों में छुट्‌टी घोषित कर दी गई। वहीं, भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों के संचालन का फैसला स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए संस्था प्रमुखों पर छोड़ा गया है। रायसेन जिले में भी शुक्रवार सुबह 15 मिनट की तेज और फिर रुक-रुक कर हुई बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। इसे बंद करने से करीब 40 गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। इसके अलावा भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सीधी और रायसेन सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। शुक्रवार को हुई बारिश की देखिए तस्वीरें… इन 29 जिलों में कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। एक भी जिला ऐसा नहीं है, जो आगे हो। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 5% से 48% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर-चंबल संभाग में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में औसत से कम पानी गिरा है। 6 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD की माने तो पश्चिमी हिस्से के ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ऐसे माना जाता है सूखा
एक्सपर्ट की माने तो सामान्यतः कम बारिश होने पर सूखा तब घोषित किया जाता है, जब मानसूनी वर्षा में कमी सामान्य औसत से 25% या उससे अधिक हो। वहीं, फसलों की स्थिति, मिट्टी की नमी और भूजल स्तर पर इसका गंभीर प्रभाव पड़े। वर्तमान में प्रदेश के 49 जिलों में 5% से 48% तक पानी कम गिरा है। ऐसे में यहां सूखे के हालात बन रहे हैं। हालांकि, मानसून बीतने के बाद ही जिला स्तर पर सूखा घोषित किया जाता है। इसलिए कहीं भी सूखा घोषित नहीं किया गया। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून के बाद जुलाई में भी आंकड़ा कम
मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड
भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी
इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है। ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड
ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है। जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी
जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी। जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश
उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here