छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून एक्टिव हो गया है। मंगलवार दोपहर रायपुर और भिलाई में जमकर बारिश हुई। राजधानी के विधानसभा क्षेत्र स्थित गैलेक्सी ग्रीन सोसायटी में जलभराव की स्थिति बन गई। इससे रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर, 8 दिन पहले धमतरी में महानदी के साहनी घाट में बहे मछुआरे का शव मिला है। 27 जुलाई को गुलाल सोरी (36) मछली पकड़ने गया था, जहां वह पानी के तेज बहाव में बह गया था। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (4 अगस्त) से पूरे प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की एक्टिविटी बढ़ेगी। अगले तीन दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से केवल 5% कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है। पहले देखें तस्वीरें… कम बारिश का असर खरीफ बुवाई पर पड़ा लोकसभा में सरकार ने बताया कि इस साल देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का असर खरीफ बुवाई पर भी दिख रहा है। पिछले साल की तुलना में अब तक करीब 5% कम बुवाई हुई है। 1 जून से 29 जुलाई के बीच पंजाब में 33%, हरियाणा में 26%, उत्तर प्रदेश में 24%, राजस्थान में 16% और हिमाचल प्रदेश में 5% कम बारिश दर्ज की गई। सरकार ने कहा कि खरीफ सीजन 2026-27 की बुवाई अभी जारी है, इसलिए पहली फसल उत्पादन अनुमान रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। हालात से निपटने के लिए 342 जिलों के कंटिजेंसी प्लान अपडेट किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, जबकि जरूरत पड़ने पर SDRF और NDRF के तहत केंद्र सरकार की ओर से भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अगले दो दिन का आउटलुक अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। रायपुर का मौसम रायपुर में आज (मंगलवार) को दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगस्त का महीना क्यों है अहम छत्तीसगढ़ में जुलाई के आखिर तक बारिश लगभग सामान्य स्तर पर पहुंच चुकी है। अगर अगस्त में भी अच्छी बारिश होती है तो धान और दूसरी खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा। अगस्त का महीना धान की फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए अलग से पूर्वानुमान जारी नहीं किया है, लेकिन मध्य भारत के लिए दिए गए संकेतों से राज्य में अगस्त के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद है। IMD की मुख्य बातें छत्तीसगढ़ में मानसून सामान्य, लेकिन 6 जिलों में बारिश की कमी छत्तीसगढ़ में मानसून अब तक संतुलित बना हुआ है। 1 जून से 2 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 566.5 मिमी (22.3 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 594.6 मिमी (23.4 इंच) होनी चाहिए थी। यानी अब तक प्रदेश में 5% कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य (Normal) श्रेणी में रखा है। हालांकि, जिलावार आंकड़ों में बारिश का वितरण काफी असमान नजर आ रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से 60% से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में 40% से 53% तक की कमी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश इन जिलों में प्रदेश में अब तक सबसे अधिक बारिश नारायणपुर में 997.8 मिमी (39.3 इंच) दर्ज की गई है, जो सामान्य से 61% अधिक है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 797.5 मिमी (31.4 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य से 65% ज्यादा है। वहीं जांजगीर-चांपा में 743.9 मिमी (29.3 इंच, +38%), महासमुंद में 725.1 मिमी (28.5 इंच, +35%), गरियाबंद में 696.8 मिमी (27.4 इंच, +29%), बालोद में 668.5 मिमी (26.3 इंच, +29%), रायपुर में 626.0 मिमी (24.6 इंच, +21%) और बलौदाबाजार में 623.0 मिमी (24.5 इंच, +28%) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से अधिक है। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी प्रदेश में सबसे अधिक बारिश की कमी सरगुजा में दर्ज की गई, जहां सामान्य से 53% कम वर्षा हुई है। इसके अलावा जशपुर (-48%), बेमेतरा (-40%), कांकेर (-24%), मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (-24%) और सूरजपुर (-21%) में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग ने इन सभी जिलों को डेफिसिएंट (Deficient) श्रेणी में रखा है। अधिकांश जिले सामान्य श्रेणी में प्रदेश के 20 जिले अभी भी सामान्य वर्षा की श्रेणी में हैं। इनमें बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कोंडागांव, कोरबा, कोरिया, मोहला-मानपुर-चौकी, मुंगेली, रायगढ़, राजनांदगांव, सक्ती, सुकमा, बलरामपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत अन्य जिले शामिल हैं।
