भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र की सुभाष विला कॉलोनी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया। एम्स भोपाल में पदस्थ 34 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर दिव्या ने अपने आठ वर्षीय बेटे और तीन वर्षीय बेटी को स्कूल भेजने के कुछ देर बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जब घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई कर रही थी, तभी स्कूल से लौटे दोनों मासूम बार-बार कहते रहे, “हमें मम्मा के पास जाना है।” बच्चों की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भी भावुक हो गए। तमिलनाडु की रहने वाली थीं पुलिस के अनुसार, दिव्या मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं। करीब दो महीने पहले उनके पति सुरेश ने तमिलनाडु में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर भोपाल आ गई थीं। यहां उन्होंने बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया और उनकी देखभाल के लिए एक केयर टेकर रखा था। सोमवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उन्होंने कमरे में फांसी लगा ली। केयर टेकर ने नाश्ता तैयार होने पर उन्हें आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो दिव्या फंदे पर लटकी मिलीं। पुलिस ने शुरू की जांच एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों के तमिलनाडु से भोपाल पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में पति की मौत के बाद मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
