उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ 2026 की सवारियां इस बार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहेंगी। ये सवारियां संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का भी संदेश देंगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने सभी सवारियों के लिए अलग-अलग थीम तय की हैं। मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने बताया कि प्रत्येक सवारी को एक विशेष स्वरूप दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को हर सोमवार एक नया अनुभव मिल सके। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय नृत्य दल सभी सवारियों में अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर समिति के अनुसार, इस बार सवारियों को अधिक भव्य, आकर्षक और जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी की गई है। अंतिम राजसी सवारी में सिंहस्थ-2028 की झलक और ड्रोन से होने वाली पुष्पवर्षा श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगी।
