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नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा:अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था; चुनाव आयोग बोला- इससे पहचान-रिकॉर्ड मिलाना आसान होगा

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा। चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों बनाया? फॉर्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र EC अधिकारियों ने बताया कि बिहार में जून 2025 में शुरू किए गए SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन के साथ यह घोषणा भी भरनी होती थी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी कर इस घोषणा को अनिवार्य बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र की आपत्तियों पर EC का जवाब चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्तेयर्स द्वारा SIR की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नाम हटाना है। किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और यदि किसी का नाम हटता है, तो उसे चुनौती देने का अवसर दिया जाता है। SIR से जुड़ा अपडेट…. चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज, सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ। तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। भास्कर नॉलेज Form-6 वह आधिकारिक आवेदन पत्र है, जिसके जरिए 18 साल या उससे ज्यादा उम्र का कोई भी पात्र भारतीय नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाता है या किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरण के बाद नया पंजीकरण कराता है। इसे वोटर हेल्पलाइन एप, चुनाव आयोग की वेबसाइट या BLO/निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से भरा जा सकता है।

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